Thursday, June 18, 2026
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अखिल भारतीय साहित्य परिषद की पानीपत इकाई का हुआ गठन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at July 11, 2022 Tags: , , , ,

कार्यकारिणी की प्रथम बैठक अध्यक्ष प्रदीप शर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता की अध्यक्षता में हुई संपन्न

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की पानीपत इकाई का गठन सर्वसम्मति से हुआ जिसमे कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा को पानीपत इकाई का संरक्षक चुना गया. समस्त कार्यवाही डीएवीपीजी कॉलेज करनाल के पूर्व प्राचार्य एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा के संरक्षक डॉ पूर्णमॉल गौड़ के संरक्षण में आयोजित हुई. पानीपत इकाई के प्रेरणा के सूत्र पंडित रामधन शर्मा रहे.कार्यवाई में कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों को भी निर्वाचित किया गया जिसमे अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप शर्मा, उपाध्यक्ष रश्मि अखौरी, महासचिवकरण कपूर, सह-सचिव डॉ संतोष तृप्ता,कोषाध्यक्ष डॉ भारती गुप्ता और संगठन मंत्री राजेन्द्र कुमार जैन को चुना गया. अखिल भारतीय साहित्य परिषद् पानीपत की प्रथम बैठक में संरक्षक डॉ अनुपम अरोड़ा के साथ डॉ पूरनमल गौड़, पंडित रामधन शर्मा, प्रदीप शर्मा, कमलेश कुमार पालीवाल, राकेश कुमार, करण कपूर, दयानंद शर्मा, डॉ मोनिका खुराना, मीनूकमल, रश्मि अखौरी, पद्मा रानी, डॉ संतोष तृप्ता, रणबीर सिंह, संजय सहल, कमल दुआ, शिव कपूर, विक्रम कपूर, तरुण बवेजा, मधुर धवन, देवेन्द्र तूफ़ान, मंजू शर्मा, रमेश खुराना, ओमप्रकाशशास्त्री और राजेन्द्र जैन उपस्थित रहे.अखिल भारतीय साहित्य परिषद् पानीपत की कार्यकारिणी की प्रथम बैठक में पानीपत इकाई के भविष्य के प्रयासों, योजनाओं और कार्यक्रमों के आयोजनों को लेकर विस्तार से चर्चा-परिचर्चा की गई और इसे सफल बनाने को लेकर सम्मिलित प्रयासों पर जोर दिया गया.

विदित रहे की अखिल भारतीय साहित्य परिषद् भारतीय भाषाओं का एक देशव्यापी संगठन है जिसकी स्थापना 27 अक्टूबर 1966 को दिल्ली में हुई थी. इसीवर्ष इसका राष्ट्रीय अधिवेशन प्रसिद्ध साहित्यकार जैनेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ था. सरदार जीतसिंह ‘जीत’ को इसके संगठन का दायित्व दिया गया था. अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा, राष्ट्रीय स्तर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास से सम्बद्ध एक साहित्यिक संस्था है जो भारतवर्ष की समस्त भाषाओं के उत्थान व संवर्धन, विभिन्न भाषा-भाषी विद्वानों में सहयोग, विमर्श व वैचारिक विनिमय तथा राष्ट्रीय अस्मिता के भाव से युक्त साहित्य सृजन, चिंतन और अनुचिंतन की प्रेरणा के लिए समर्पित है. इस लक्ष्य दृष्टि की प्राप्ति एवं विस्तार के लिए परिषद विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है जिनमे राष्ट्रीय महापुरुषों, साहित्यकारों, लेखकों, विचारकों से सम्बंधित विवेचन गोष्ठियां, कार्यशालाएं, अभ्यासवर्ग, भाषालिपि, एवंभाषा समाज चिंतन, कविता गोष्ठियां, कवि सम्मेलन, विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं तथा पुस्तकचर्चा व समीक्षा आदि साहित्यिक एवं वैचारिक आयोजन सम्मिलित है.आजसम्पूर्ण भारतवर्ष के 21प्रान्तों में इसका कार्य चल रहा है जिसमे से एक हरियाणा में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है. पानीपत में जिला इकाई की स्थापना के बाद इसके कार्यक्षेत्र में और वृद्धि होगी.

डॉ अनुपम अरोड़ा संरक्षकअखिल भारतीय साहित्य परिषद पानीपत इकाई ने कहा कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की पानीपत इकाई का लक्ष्य,उद्देश्य एवं अनुबंधन भारतीय साहित्य और भाषाओँ को उन्नति एवं संवर्धन के पथ पर ले जाना है. यह भारतीय भाषाओँ एवं साहित्य के अनुसंधान कार्य को प्रौत्साहित करेगा तथा तत्संबंधी अनुसंधान केन्द्रों की की व्यवस्था करने का यथासंभव प्रयास करेगा. कार्यकारिणी की पहली बैठक को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि साहित्य की विभिन्न विधाओं के स्वरूप-विवेचन, विकास-दिशा और मूल्यांकन  के लिए एकल विधा-कार्यक्रमों को आयोजित करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी. भारत की सभी भाषाओं के साहित्य की श्रेष्ठ कृतियों के पारस्परिक अनुवाद की संभावनाएं भी तलाशी और प्रोत्साहित  की जायेंगी.

प्रदीप शर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता पानीपत ने कहा कि भारतीय भाषाओं के परस्पर आदान-प्रदान व सौमनस्य की अभिवृद्धि हेतु अन्य प्रांतीय परिषदों से सम्पर्क, सहयोग तथा आयोजन-सह भागिता के अवसरों को जुटाने का प्रयास पानीपत इकाई करेगी. भारतीय जीवन मूल्यों में आस्था रखने वाले साहित्यकारों को प्रोत्साहित करना तथा ऐसे साहित्य के प्रसारण व प्रकाशन में योगदान करना भी इकाई के लक्ष्यों में शामिल रहेगा. भारतीय वाड्मय के प्रति जनमानस की आस्था तथा अभिरुचि को सुदृढ़ करना भी उनका लक्ष्य रहेगा. नवोदित प्रतिभाओं को प्रौत्साहित एवं मार्गदर्शित करना कार्यकारिणी के हर सदस्य का उद्देश्य होना चाहिए.

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