पराली जलाने की बजाय बेचकर लाभ कमाएं किसान: संजय भाटिया
सांसद ने जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
केंद्र व हरियाणा सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रयासरत
BOL PANIPAT , 27 सितंबर। करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के साथ-साथ हरियाणा सरकार किसानों की भलाई के लिए निरंतर प्रयासरत है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं। इसलिए किसानों को भी सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है, वहीं उत्सर्जित गैसों से स्वास्थ्य को भी हानि पहुंचती है। इसके साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे फसल कटाई उपरांत पराली को बेचकर लाभ कमाएं।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने की समस्या पिछले कई साल से पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य घटक बनी हुई थी। अब सभी के सामूहिक प्रयास से पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला गया है। हरियाणा सरकार द्वारा पराली व अन्य फसल अवशेषों का खेतों में ही प्रबंधन करने हेतु सीएचसी को 80 फीसदी पर और व्यक्तिगत को 50 फीसदी पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं जिससे पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट आई है। अब इसके स्थायी समाधान के लिए गत अगस्त माह में ही पानीपत रिफाइनरी के साथ 2जी एथेनॉल प्लांट को स्थापित किया गया है जहां पर सीएचसी के माध्यम से किसानों से खेत में ही पराली की खरीद की जाएगी और वहां से उसकी गांठे बनाकर प्लांट में भेजी जाएगी। इससे किसानों की आय निश्चित तौर पर बढ़ेगी।
जिले में पराली जलाने की घटनाओं में कमी: उपायुक्त
इस अवसर पर उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि जिला प्रशासन व कृषि विभाग के सामूहिक प्रयासों से किसानों में पराली न जलाने को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप पानीपत जिले में पराली जलाने की घटनाएं नाममात्र की रह गई हैं और प्रशासन का पूरा प्रयास है कि जिले में कोई भी किसान पराली न जलाए। उन्होंने जिले के किसानों का आह्वान किया कि वे पराली बिल्कुल भी न जलाएं। पराली जलाने पर उन्हें जुर्माने की सजा भुगतनी पड़ सकती है, जबकि पराली बेचने पर उन्हें अतिरिक्त आय होगी।
गांव-गांव जाकर किसानों को किया जाएगा जागरूक: डॉ. वजीर
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जागरूकता वैन जिले के प्रत्येक गांव में जाएगी और किसानों को स्लोगनों के माध्यम से पराली न जलाने के प्रति जागरूक करेगी। इसके अलावा किसानों को पराली न जलाने के लाभों के बारे में भी बेहतर ढंग से समझाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो किसान कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल प्रबंधन करेगा, उसे एक हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान राशि भी दी जाएगी। इस अवसर पर उपमंडल कृषि अधिकारी अनिल नरवाल, सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार, खंड कृषि अधिकारी पानीपत सेवा सिंह आदि मौजूद रहे।

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