ठेकेदारों ने सरकार द्वारा ठेकेदारों को पेमेन्ट के लिए जो परेशान किये जाने के आरोप लगाए।
BOL PANIPAT : पानीपत स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों द्वारा स्काईलार्क टूरिस्ट कंपलेक्स पानीपत में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में ठेकेदारों ने सरकार द्वारा ठेकेदारों को पेमेन्ट के लिए जो परेशान किये जाने के आरोप लगाए। पानीपत की नवगठित कार्यकारिणी द्वारा हरियाणा में ठेकेदारों के चल रहे धरने प्रदर्शन का समर्थन किया गया। पानीपत ठेकेदार यूनियन ने 2 अक्टूबर को जींद में होने वाली बैठक में बढ चढ कर भाग लेने का निर्णय लिया। इस निर्णय का सभी ठेकेदारों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
आज की बैठक में मुख्य रूप से प्रमोद अग्रवाल, प्रधान सरदार गुरमीत सिंह, प्रमोद कुराडिया, अनिल गुप्ता, मोहन दत शर्मा, कर्मबीर गुलिया, विकास गुलिया, धर्मवीर , विश्वजीत, विकास मलिक, अमित मलिक व अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।
ठेकेदारों की मुख्य मांगे इस प्रकार है
ठेकेदारों की मांग है कि या तो बढ़ी हुई जीएसटी को 18% से वापिस 12% किया जाए या फिर रिफाइनरी एनएफएल की तर्ज पर जीएसटी को बेसिक अमाउंट से अलग किया जाए।
आज से लगभग एक , दो साल पहले तक जलजीवन मिशन के तहत जो टेंडर काल किये गये थे उनमें से अधिकांश के लिए आज तक विभाग द्वारा पाइप उपलब्ध नही करवाई गई। पिछले साल में पाइप की कीमत में लगभग 70% की वृद्धि हुई है जिसका बोझ टेंडर लेने वाले ठेकेदारों पर पड़ेगा।
पिछले चार-पांच सालों में पेमेंट का रूटीन खराब है जिस वजह से ठेकेदार को समय पर पेमेंट नहीं मिल पाती और लेबर के सामने उसे बेइज्जत होना पड़ता है।
पहले ठेकेदारों के बिल ट्रेजरी से पास होते थे परंतु अब यह सिस्टम बदला जा चुका है अब बिल एफडी से पास होते हैं।

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