Tuesday, April 28, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एनएसएस इकाई द्वारा ‘वसुधैव कुटुम्ब के लिए योग’ के भाव के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at June 20, 2023 Tags: , , , , ,

विद्यार्थियों ने योगासनों के माध्यम से दिया शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनने का सन्देश

दिल, दिमाग और शरीर को एक साथ संगठित करने की कला है योग : डॉ अनुपम अरोड़ा 

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्थापित कॉलेज एनएसएस इकाई द्वारा 9वां  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समस्त मानवता और मानव की तंदुरुस्ती और कल्याण के भाव के साथ मनाया गया. जिसमे कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं और प्राचार्य समेत प्राध्यापकों ने भाग लिया. 

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ. राहुल जैन, डॉ. रवि कुमार प्रो. किरण मालिक, प्रो कविता, प्रो मीतु सैनी, प्रो मनोज कुमार और दीपक मित्तल आदि ने योग प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाया. यह विदित ही है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया भर में हर साल 21 जून को मनाया जाता है और ऐसा माना जाता है कि मानव सभ्यता की शुरुआत से ही योग मनुष्य के साथ जुड़ा रहा है. मंच संचालन की भूमिका का निर्वाह डॉ. रवि कुमार ने किया. योग के दुसरे सत्र में प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने योग दिवस 2023 की थीम ‘वसुधैव कुटुम्ब के लिए योग’ एवं प्राणायाम की विधियों से सभी को अवगत कराया.    

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने योग दिवस वर्ष 2023 के प्रमुख विषय ‘वसुधैव कुटुम्ब के लिए योग’ के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की मानव सभ्‍यता की शुरुआत से ही योग मनुष्य के साथ रहा है. योग एक विज्ञान है और योग विद्या के अनुसार शिव को पहले योगी या आदि योगी तथा पहले गुरू या आदि गुरू के रूप में माना जाता है. योग एक ऐसी शक्ति है जिससे हम अपने दिल, दिमाग और शरीर को एक सूत्र में पिरो सकते हैं. इस वर्ष का विषय आयुष मंत्रालय द्वारा घोषित किया गया है. इसका एक मात्र लक्ष्य यही है कि संपूर्ण विश्व योग करें एवं स्वस्थ रहे. इसके 21 जून को मनाने का कारण बताते हुए उन्होनें कहा की 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है और धरती पर सूर्य सबसे ज्यादा समय तक रहता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाने के पीछे यही राज है. इसके अलावा भारत में 21 जून ग्रीष्मकालीन संक्रांति का दिन भी होता है. योग के द्वारा शारीरिक ही नहीं बल्कि उत्तम मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राप्त करने में पूरी सहायता मिलती है. मानसिक शक्तियों के पोषण और विकास के लिए जो उपर्युक्त चेतना और शक्ति होनी चाहिए वह भी योग से ही प्राप्त होती है. योग के विषय में रुचि जागरण का कारण आधुनिक समाज में मानसिक तनावों की वृद्धि एवं रोगों की दर में वृद्धि का होना है. 

डॉ. राकेश गर्ग एनएसएस अधिकारी ने कहा की कोरोना महामारी के चलते पिछले साल से लेकर अब तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वास्थ्य के लिए योग विषय पर केन्द्रित है. प्राणायाम और योगासनों द्वारा हम अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढ़ा सकते है जिससे हमारी रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है.

डॉ. रवि कुमार ने कहा की प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक नए विषय के साथ मनाया जाता है. सदभाव और शांति के लिए योग, योग से युवाओं को जोड़े, स्वास्थ्य के लिए योग, शांति के लिए योग, पर्यावरण के लिए योग जैसे थीम्स के साथ योग ने समाज के हर क्षेत्र को मार्गदर्शित किया है और नई दिशा दिखाई है. उन्होंने कहा कि बहुर सारी ऐसी बीमारियाँ जो आधुनिक जीवन शैली का परिणाम है, उन सभी को योग से नियंत्रित किया जा सकता है. 

डॉ. राहुल जैन ने कहा कि योग को नियमित रूप से करने से हमारा मन और दिमाग शांत रहता है और यह हमें बीमारियों से बचाता है. ऊर्जावान और तरोताजा रहने के लिए योग से बढ़िया कुछ नहीं है. योग तनाव को कम करने में भी अत्यधिक सहायक है. योग के अभ्यास की कला व्यक्ति के मन, शरीर और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करती हैं. इस बात पर भी जोर दिया गया कि अगर व्यक्ति योग करने का अभ्यासी हो जाय तो वह स्वत योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लेता है एवं संचित उर्जा से अपने जीवन के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है.     

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