एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ी कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की बॉक्सिंग चैंपियनशिप में झटका स्वर्ण
– कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज जूडो और फेंसिंग चैंपियनशिप में पांच पदकों पर कब्ज़ा
–समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है ये विजेता खिलाड़ी: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 08 जनवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन के बल पर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की इंटर कॉलेज जूडो एवं फेंसिंग चैंपियनशिप में पांच कांस्य पदक पर कब्ज़ा कर तहलका मचा दिया । कॉलेज के बीए प्रथम वर्ष के खिलाड़ी प्रशांत ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में न सिर्फ स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया बल्कि शानदार खेल की बदौलत नार्थ जोन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक हासिल किया । इसी तरह कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की इंटर कॉलेज जूडो चैंपियनशिप की महिला केटेगरी एवं 48 किलोग्राम भारवर्ग में इन्नू ने, 67 किलोग्राम भारवर्ग में किरण देवी ने और पुरुषों के 81 किलोग्राम भारवर्ग में नीरज ने कांस्य पदक हासिल किये । कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की इंटर कॉलेज फेंसिंग चैंपियनशिप की फ़ॉयल और साबरे विधाओं में नीरज, प्रशांत और प्रशांत कुमार की टीम ने दो कांस्य पदक प्राप्त किये । विजेता खिलाडियों प्रशांत, प्रशांत कुमार, नीरज, इन्नू और किरण देवी का भव्य स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, कोच अंकुश मलिक, प्रो रजनी देवी, ग्राउंडसमैन प्रताप सिंह और अन्य स्टाफ सदस्यों ने किया । सभी विजेता खिलाड़ियों की भरपूर प्रशंसा की गई ।
एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने प्रशांत, प्रशांत कुमार, नीरज, इन्नू और किरण देवी की तारीफ़ करते हुए कहा कि जहाँ बॉक्सिंग और जूडो काफी लोकप्रिय खेल है वंही फेंसिंग भी वर्तमान में लोकप्रिय होता जा रहा है । खेल हम सभी के जीवन में, विशेष रुप से नौजवानों और विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । कॉलेज के खिलाड़ियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय और इंटर कॉलेज में शानदार खेल पेश करके मैडलस जीत कर हर खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा पेश की है । हमें भी कम से कम कुछ समय खेलों में सक्रिय होने के लिए अवश्य निकालना चाहिए । उन्होनें खेलों में उज्जवल भविष्य की संभावनाओं को लेकर विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ये सभी खिलाड़ी समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है । ये गुण किसी भी खिलाड़ी के लिए उपलब्धि को प्राप्त करने के मूल मन्त्र है । इन सभी खिलाड़ियों को भविष्य में भी आगे बढ़ने के समुचित अवसर और सुविधाएं कॉलेज द्वारा दी जायेगी । उन्होनें बताया कि फ़ेंसिंग एक लड़ाई का खेल है जिसमें दो एथलीट एक दूसरे पर हमला करने और बचाव करने के लिए तलवार का इस्तेमाल करते हैं । इसमें तलवारबाज़ अपने प्रतिद्वंद्वी पर हमला करते हुए अंक हासिल करते हैं । आधुनिक फ़ेंसिंग की तीन विधाएं – एपी, फ़ॉयल और साबरे है तथा प्रत्येक विधा में एक अलग प्रकार की तलवार या ब्लेड का इस्तेमाल किया जाता है और सभी के नियम भी भिन्न हैं ।
डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्य्क्षा ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया । उन्होनें कहा कि युवा खिलाडियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा होता है और ऐसे में हर युवा का फ़र्ज़ बनता है कि वे भी इन विजेताओं की तरह लगन के साथ लक्ष्य प्राप्त करे । जूडो डॉ कानो जिगोरो द्वारा जापान में बनाया गया एक आधुनिक जापानी मार्शल आर्ट और लड़ाकू खेल है । इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसका प्रतिस्पर्धी तत्व है जिसका उद्देश्य अपने प्रतिद्वंद्वी को या तो जमीन पर पटकना, गतिहीन कर देना या फिर कुश्ती की चालों से अपने प्रतिद्वंद्वी को अपने वश में कर उसे समर्पण करने के लिए मजबूर कर देना है ।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य जिनमें डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो रजनी, कोच अंकुश मलिक, दीपक मितल, चिराग सिंगला, प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे.

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