अगली पीढ़ी के भविष्य को लेकर हमें जल संचय पर देना होगा जोर : डॉ.गरिमा मित्तल।
सामान्य अस्पताल में पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
कृषि विज्ञान केंद्र में डीएसआर के माध्यम से की जा रही धान की सीधी बिजाई का किया अवलोकन।
बच्चों के साथ साझा किये जल संरक्षण के अनुभव।
BOL PANIPAT , 5 अगस्त। भारत सरकार में जल शक्ति अभियान की सैन्ट्रल नोडल अधिकारी डॉ.गरिमा मित्तल (आईएएस) ने सोमवार को अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन जिले के अजीजुल्लापुर गांव में निगम द्वारा निर्मित किये गए अमृत सरोवर का दौरा कर जल संचय को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की। उन्होंने कहा कि हमें अगली पीढ़ी के भविष्य को लेकर जल का सही सदुपयोग करना चाहिए। जल की स्त्रोतो का उपयोग कर जल संरक्षण करना चाहिए व इस दिशा में लोगों का सहयोग लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने इसे पूर्व भीम सैन सच्चर अस्पताल के प्रागंण में पौधारोपण कर लोगों को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पौधा लगाने का आहवान किया।
जल शक्ति अभियान की सैन्ट्रल नोडल अधिकारी ने इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केन्द्र उझा में डीएसआर के माध्यम से कि जा रही धान की सीधी बिजाई का निरीक्षण किया व कृषि विज्ञानिकों से जानकारी हासिल की कि किस तरह से हम डीएसआर के माध्यम से जल का सरंक्षण कर सकते है। उन्होंने अधिकारियों से एक किलो धान की पैदावार को कितनी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है पर विसतार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा की कि डीएसआर किसानों के लिए कितना कारगर है व कितने किसान जिले में इस विधि के साथ जुडकऱ धान की बिजाई कर रहे है।
जल शक्ति अभियान की सैन्ट्रल नोडल अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से भी बातचीत की व उन्हें जल संचय को लेकर सरकार द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक विधियों व यंत्रो के बारे में व उन तकनीकों के बारे में जानकारी दी जो वर्तमान में जल संचय को लेकर कारगर साबित हो रही है। उन्होंने महिलाओं से बातचीत करते हुए कहा कि डीएसआर के माध्यम से धान की सीधी बिजाई व सब्जी उत्पादन में पानी की क्या स्थिति है व किस तरह से हम दोनो में से जो भी कारगर है उसका किस तरह से लाभ ले सकते है उस पर प्रकाश डाला।
जल शक्ति अभियान की सैन्ट्रल नोडल अधिकारी ने अपने इस तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन राजकीय हाई स्कूल उझा में पौधारोपण भी किया व स्कूल के बच्चों से बातचीत कर जल संचय को लेकर उनके द्वारा वर्ष भर में किये गए प्रयासो ंको जाना व उनके साथ अनुभव साझा किये।
इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों ने बताया कि वे पैटिंग व रैलियों के माध्यम से लगातार जल संचय को लेकर इस अभियान को सफल बनाने का प्रयास कर रहे है। इस मौके पर उनके साथ जिला परिषद के डिप्टी सीईओ कंचन, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी, एसडीओ राजेश, आईईसी अमित कौशिक, कुलदीप कुमार के अलावा अभियान से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

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