“टेक्नोलॉजी, स्किल्स और करियर रेडीनेस की दिशा में युवाओं के कदम”विषय पर एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट टॉक और औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्लेसमेंट एवं करियर गाइडेंस इकाई तथा मेधा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “टेक्नोलॉजी, स्किल्स और करियर रेडीनेस की दिशा में युवाओं के कदम”विषय पर एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट टॉक और औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया जिसमें बीसीए एवं बीएससी कंप्यूटर साइंस के द्वितीय और तृतीय वर्ष के के लगभग 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें उद्योग के बदलते मानकों, प्रैक्टिकल एक्सपोज़र और नई तकनीकों के साथ तालमेल बैठाना ज़रूरी है। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को छात्रों के करियर निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि ये अनुभव छात्रों को क्लासरूम लर्निंग और इंडस्ट्री प्रैक्टिस के बीच का अंतर समझने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-छात्राओं को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल स्किल्स, करियर रेडीनेस और जीवन कौशल की भी आवश्यकता है। इस अवसर पर प्लेसमेंट एंड करियर गाइडेंस सेल की ऑफिसर डॉ. अर्पणा गर्ग ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों से परिचित कराना और उन्हें उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। इस औद्योगिक दौरे के तहत छात्रों को गुरुग्राम स्थित नेटवर्क बुल्स के सिस्को लैब का दौरा कराया गया जो भारत के सबसे बड़े लैब्स में से एक है और जहां उद्योग स्तर के आधुनिक नेटवर्किंग उपकरण उपलब्ध हैं। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को नेटवर्किंग और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी अवधारणाओं जैसे OSI मॉडल, राउटर, TCP/IP और सबनेटिंग को सरल भाषा में समझाया और उनके वास्तविक जीवन में उपयोग दिखाए। छात्रों को न केवल थ्योरी बताई गई बल्कि उन्हें लैब में इन स्किल्स को प्रयोग करने का अवसर भी दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं नेटवर्किंग डिवाइस का उपयोग करते हुए दो नेटवर्क के बीच कनेक्शन स्थापित किया, जिससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई और वास्तविक उद्योग अनुप्रयोगों के बीच का स्पष्ट संबंध समझ में आया।
सत्र को और अधिक रोचक बनाने के लिए एक इंटरैक्टिव प्रश्न -उत्तर सेशन भी आयोजित किया गया जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन प्रदान किए गए जिससे उनका मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ा।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक और व्यावहारिक रहा। उन्होंने महसूस किया कि इस प्रकार की औद्योगिक दौरे और एक्सपर्ट टॉक्स न केवल उनकी समझ को गहरा करते हैं बल्कि उन्हें भविष्य की नौकरियों और करियर के लिए भी बेहतर तैयार करते हैं।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मेधा से शाहिद, अमन श्रीवास्तव और अब्दुल हसीब का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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