Friday, August 21, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पीडीलाईट (Pidilite) कंपनी द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यशाला 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 15, 2025 Tags: , , , ,

कॉलेज की विभिन्न संकायों की छात्राओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने हेतू हुई यह कार्यशाला 

स्टोन पेंटिंग, पॉट पेंटिंग और ज्वेलरी मेकिंग की कला छात्राओं को सिखाई गई

पेंटिंग हमारी भावनाओं और विचारों को भौतिक अभिव्यक्ति प्रदान करती है: प्रो तन्नू वैद 

स्टोन और पॉट पेंटिंग में रोजगार के अवसर बहुमुखी हैं: अलका जैन, वरिष्ठ विशेषज्ञ पीडीलाईट 

BOL PANIPAT , 15 नवम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पीडीलाईट कंपनी द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का विधिवत समापन हो गया । तीन दिवसीय कार्यशाला में पीडीलाईट विषय विशेषज्ञ अलका जैन ने छात्राओं को स्टोन पेंटिंग, पॉट पेंटिंग और ज्वेलरी मेकिंग के टिप्स के साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण दिया । इस कार्यशाला में गृह विज्ञान की छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज के अन्य संकायों की लगभग 50 छात्राओ ने हिस्सा लिया । कार्यशाला में प्रशिक्षिका अलका जैन का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ मोनिका खुराना, प्रो तन्नू वैद और प्रो निधि ने किया।  

अलका जैन ने कहा कि कि पत्थरों के रंग-बिरंगे छोटे-बड़े टुकड़ों का चूरा बनाकर विविधता भरे डिजाइनों पर इन्हें चिपका कर चमकीली स्टोन पेंटिंग तैयार की जाती है । यह देखने में बेहद आकर्षक होती है । इस तरह की पेंटिंग से घर की सज्जा को नई जीवंतता दी जा सकती है । ऐसी पेंटिंग तैयार करने के लिए ऐमेथिस्ट, कैल्सीडोना, कोर्नोलियन, एग्टे, ब्लड स्टोन आदि का इस्तेमाल किया जाता है । स्टोन पेंटिंग बनाने के लिए कैनवास पर मनचाही आकृति बना लेने के बाद उस पर गोंद जैसा एक खास तरह का चिपकने वाला पदार्थ लगाया जाता है । इसे लगाने के बाद बड़ी सफाई के साथ कैनवास या शीट पर रंग-बिरंगे पत्थरों को चिपकाने के बाद सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है । पूरी तरह सूख जाने के बाद इन पेंटिंग्स के रंगों में भी ऑयल पेंटिंग जैसा ही लुक आ जाता है । यह हमारे घर आने वाले मेहमानों का उतना ही ध्यान आकर्षित करने में समक्ष हैं जितना कि ऑयल या फिर ग्लास पेंटिंग । स्टोन पेंटिंग में रोजगार के अवसर बहुमुखी हैं । पॉट पेंटिंग एक प्राचीन और बहुमुखी कला के रूप में समय की कसौटी पर खरा उतरा है और दुनिया भर के कला प्रेमियों को आकर्षित करता रहा है । हज़ारों साल पहले शुरू हुई यह अभिव्यंजक कला न केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक माध्यम रही है बल्कि सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित करने का एक तरीका भी रही है । सजावटी घरेलू वस्तुओं से लेकर औपचारिक कलाकृतियों तक पॉट पेंटिंग ने विभिन्न सभ्यताओं की पहचान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । उन्होनें पॉट पेंटिंग के समृद्ध इतिहास, तकनीकों और महत्व पर चर्चा की ।

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि चाहे हम कला के एक विशेष क्षेत्र में रुचि रखते हो या एक स्वतंत्र कलाकार बनना चाहते हो, स्टोन और पॉट पेंटिंग में एक सफल करियर बनाने की अपार संभावनाएं है । 

प्रो तन्नू वैद ने कहा कि पॉट और स्टोन पेंटिंग में कई रोजगार के अवसर हैं । कोई भी व्यक्ति पेंटिंग और ड्राइंग में पेशेवर डिग्री प्राप्त कर सकता हैं जिसके बाद हम विभिन्न प्रोफाइल में काम कर सकते हैं । हम एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में भी खुद को स्थापित कर शोहरत और पैसा दोनों कमा सकते है । पॉट और स्टोन पेंटिंग हमारी भावनाओं और विचारों को भौतिक अभिव्यक्ति प्रदान करती है ।

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