किसान का डाटा सही तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होना जरूरी।
यह डाटा किसान हितैषी योजनाओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने में निभाएगा
महत्वपूर्ण भूमिका: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
ऑटो म्यूटेशन में तेजी, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे पर प्रशासन का फोकस
तहसील स्तर पर शनिवार को मास्टर ट्रेनिंग कराने के निर्देश
कृषि विभाग के अधिकारियों की शनिवार और रविवार की छुट्टी रद्द
प्रति कर्मचारी को 50 एग्री स्टैक आई डी बनाने का दिया लक्ष्य
BOL PANIPAT , 21 अगस्त। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एग्री स्टैक (किसान रजिस्ट्री), ऑटो म्यूटेशन तथा डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रगति को लेकर शुक्रवार को समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बाद में अधिकारियों के साथ बैठक कर अधिकारियों को शनिवार और रविवार को किसान एग्री स्टैक आई डी बनाने के निर्देश दिए। इस कार्य को लेकर तहसील स्तर पर शनिवार को मास्टर ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। इसको लेकर
कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की शनिवार और रविवार की छुट्टी रद्द की गई है
इसी कड़ी में संबंधित विभाग के प्रति कर्मचारी को 50 एग्री स्टैक आई डी बनाने का लक्ष्य दिया गया है
उपायुक्त ने बताया कि 24 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह दोबारा समीक्षा बैठक करेंगे ऐसे में जिले में प्रगति जमीनी स्तर पर 100 प्रतिशत दिखाई दे अधिकारी यह सुनिश्चित कर ले।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और डिजिटल बनाने तथा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध करवाने की दिशा में और कार्य करना होगा।
उपायुक्त ने संबंधित विभाग के कर्मचारियों को फील्ड में जाकर इन दोनों दिन कार्य करने व रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त ने एग्री स्टैक की किसानों की आई डी बनाने पर और इसमें लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने बताया कि ऑटो म्यूटेशन के तहत जिले में जो म्यूटेशन दर्ज किए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर म्यूटेशन पूर्ण हो चुके हैं।
उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि किसान रजिस्ट्री में भी जिले ने की महत्वपूर्ण प्रगति की है। उपायुक्त डॉ. हरीश ने बताया कि राजस्व सेवाओं का डिजिटलीकरण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऑटो म्यूटेशन, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वेक्षण जैसे डिजिटल माध्यम न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाएंगे, बल्कि किसानों को भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का नियमित आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए और किसान रजिस्ट्री तथा डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य में गति बढ़ाई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान का डाटा सही तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होना जरूरी है, क्योंकि यही डाटा भविष्य में किसान हितैषी योजनाओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जो किसान पंजीकरण नहीं कराएंगे उन्हे भविष्य में दिक्कत आएगी, इस बात का ध्यान रखें।
उपायुक्त ने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आह्वान किया।
इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीओ कृषि देवेन्द्र कुहाड़, तहसीलदार मनोज, नरेंद्र दलाल, तहसीलदार विनती के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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