समाधान समारोह: राष्ट्रीय विशेष लोक अदालत अभियान से न्याय होगा तेज, सरल और सुलभ
BOL PANIPAT , 29 अप्रैल। न्याय को आम जनता तक सरल, सुलभ एवं त्वरित रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 (विशेष लोक अदालत) नामक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान विगत में 21 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ अपने चरम पर पहुंचेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निपटारा करना है। यह पहल जनभागीदारी आधारित न्याय की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें पारंपरिक न्यायिक प्रक्रिया के स्थान पर संवाद, समझौता और सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है, जिनमें समझौते की संभावना है। संबंधित पक्षकारों से संपर्क कर उन्हें प्री-लोक अदालत बैठकों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया जा सके।
वर्षा शर्मा ने आगे बताया कि इस अभियान के अंतर्गत न्यायालयों, अधिवक्ताओं, विभागों एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पक्षकारों की सुविधा के लिए वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दूर-दराज के लोग भी आसानी से इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।
इस अभियान के सफल संचालन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, कानूनी जागरूकता शिविर, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, एफएम रेडियो तथा सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन, बस अड्डे आदि पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही, ग्राम पंचायतों एवं पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवीएस) की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने सभी अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस विशेष लोक अदालत अभियान में बढ़-चढक़र भाग लें और आपसी सहमति से अपने मामलों का समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल, मानवीय एवं प्रभावी बनाने में सहयोग करें। यह पहल न केवल मामलों के त्वरित निपटान में सहायक होगी, बल्कि न्याय प्रणाली में आमजन के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगी

Comments