विदेश भेजने के नाम पर युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT , 09 जुलाई : सीआईए थ्री पुलिस ने विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर कृष्णपुरा निवासी एक युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान अयोध्या नगरी मंदिर वार्ड नंबर 9 पानीपत हाल सेक्टर 16 करनाल निवासी राकेश के रूप में हुई है।

सीआईए थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने युवती दिव्या से विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उक्त राशि हड़पने की वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी राकेश को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से धोखाधड़़ी कर हड़पी नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।
यह है मामला:
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कृष्णपुरा निवासी दिव्या ने शिकायत देकर बताया था कि वर्ष 2024 में वह अपने एक परिचित के माध्यम से वार्ड नंबर-9 निवासी राकेश पुत्र तिलक राज के संपर्क में आई थी। राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने व नौकरी लगवाने की बात कही, इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की। जुलाई 2024 में राकेश उनके घर आकर 10 लाख रुपये नकद और उसका पासपोर्ट तथा अन्य मूल शैक्षणिक दस्तावेज ले गया। 15 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिया।
जब वह वीजा लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची तो जांच के दौरान पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। जांच के दौरान कर्मचारियों ने उससे उसके पति के बारे में पूछा। तब उसे पता चला कि उसे नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अनजान अमन नामक व्यक्ति के साथ शादी करवाकर ऑस्ट्रेलिया भेज रहा है। दोनों की हवाई टिकट भी एक साथ बुक कराई गई है। कर्मचारियों ने धोखाधड़ी का पता लगने पर उसे वापस भेज दिया और उसका ऑस्ट्रेलिया का वीजा केंसिल हो गया।
इसके बाद उसके परिजनों ने राकेश से बात की तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद वह उनके घर आया और 2 लाख रुपये ले गया। 29 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे कनाडा का वीजा दिया। जब वह दिल्ली स्थित एंबेसी गई तो राकेश ने ऑनलाइन बायोमेट्रिक के नाम पर उससे 14 हजार रुपये और ले लिए। 28 अगस्त 2024 को उसकी बायोमेट्रिक हुई। 23 फरवरी 2025 को उसे ई-मेल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि उसका कनाडा का वीजा लग गया है।
राकेश 24 मार्च 2025 तक उससे कभी एक लाख तो कभी 50 हजार रुपये लेकर कुल लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये वसूल चुका था। 10 मई 2025 को जब वह दिल्ली स्थित कनाडा एंबेसी पहुंची तो पता चला कि उसका कनाडा का वीजा भी रिजेक्ट हो चुका है। इसके बाद उसने राकेश से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करने लगा।
16 मई 2025 को राकेश ने लिखित में दिया कि यदि वह 10 जून 2025 तक उसे विदेश नहीं भेज पाया तो 15 जुलाई 2025 तक उसके 22 लाख 50 हजार रुपये वापस कर देगा। इसके लिए उसने उक्त राशि का एक चेक भी दिया। जुलाई 2025 में बैंक में चेक बाउंस हो गया। अब राकेश न तो उसके पैसे वापस कर रहा है और न ही उसके मूल दस्तावेज लौटा रहा है। दिव्या की शिकायत पर थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में आरोपी राकेश के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) तथा इमीग्रेशन एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच और आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया पूछताछ में आरोपी को पहले भी आपराधिक रिकार्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना तहसील कैंप थाना में इसी प्रकार धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। आरोपी उक्त मामले में जेल से बेल पर बाहर आया हुआ है।

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