Tuesday, August 18, 2026
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आई.बी.पी.जी.महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर एक विशेष व्याख्यान करवाया गया ।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at August 18, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी.पी.जी. महाविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर एक विशेष व्याख्यान करवाया गया । इस व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता चांद, साइकोलॉजी विभाग, देशबंधु गवर्नमेंट कॉलेज से रहे। सर्वप्रथम कॉलेज प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह, डॉ.राजेश कुमार और अन्य स्टाफ सदस्यों द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता चांद को पौधा और समृद्धि चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया गया ।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. सतबीर सिंह ने सब को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने दिनचर्या में मोबाइल स्क्रीन पर कम से कम समय बिताना चाहिए व परिवार के साथ एक साथ बैठना चाहिए । आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और अवसाद आम हो गए हैं लेकिन हम फिर भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बात करने से कतराते हैं। याद रखिए, जिस तरह शरीर के बीमार होने पर हम डॉक्टर के पास जाते हैं, उसी तरह मन के थकने, घबराने या उदास होने पर भी मदद लेना ज़रूरी है।

मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता चांद ने अपने व्याख्यान में कहा कि हम सबको अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए । शरीर फिट है यह जरूरी है पर मन का फिट होना भी बहुत जरूरी है इसके लिए हमें रोजाना 10-20 मिनट मेडिटेशन से जुड़ना चाहिए । परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता और सोशल मीडिया की तुलना ने आज के युवाओं को अंदर से खोखला कर दिया है लेकिन अंक और नौकरी से पहले ज़रूरी है आपका मानसिक स्वास्थ्य। अगर आप उदास हैं, नींद नहीं आ रही या लगातार नकारात्मक सोच आ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें।

इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजेश ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ सिर्फ “बीमारी न होना” नहीं है, बल्कि भावनात्मक रूप से संतुलित, सकारात्मक और तनाव को संभालने में सक्षम होना है। इसके लिए हमें रोज़ाना कुछ समय ध्यान, परिवार और दोस्तों से खुलकर बातचीत, पर्याप्त नींद और मोबाइल स्क्रीन से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए। समाज को भी यह समझना होगा कि मानसिक समस्या कोई कमजोरी या “पागलपन” नहीं है। मदद मांगना हिम्मत है।

इस अवसर पर उपप्राचार्या डॉ. शशि प्रभा , डॉ. किरण मदान , डॉ. सुनित शर्मा, डॉ. नीलम, डॉ. पूनम मदान, डॉ. निधान सिंह, डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. गुरनाम सिंह, प्रो. सोनिया, प्रो. पवन कुमार, डॉ. विक्रम कुमार, डॉ. सीमा, प्रो. अजय पाल सिंह, डॉ. सुनीता रानी, प्रो. कनक शर्मा, डॉ. निधि, डॉ. शर्मीला यादव, डॉ. जोगेश, प्रो. माधवी, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. चेतना नरूला, डॉ. निर्मला, डॉ. स्वाति पुनिया, , डॉ. हिमांशी, प्रो. खुशबू, डॉ. मोनिका वर्मा, डॉ. अंजलि, डॉ. पूनम गुप्ता, डॉ. ज्योति गहलोत व  सभी टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे |  

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