Friday, October 30, 2026
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बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा पर जागरूकता शिविर, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दी महत्वपूर्ण जानकारी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 30, 2026 Tags: , , , , ,

बाल अधिकारों और साइबर अपराधों के प्रति 430 विद्यार्थियों को किया जागरूक

अच्छे-बुरे स्पर्श की पहचान से लेकर ऑनलाइन ठगी से बचाव तक, विद्यार्थियों को बताए सुरक्षा के कानूनी उपाय

बाल शोषण और साइबर अपराध के खिलाफ चुप न रहें विद्यार्थी, किसी भी घटना की तुरंत करें शिकायत

BOL PANIPAT ,30 अक्टूबर। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जलालपुर-एक में सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए बाल अधिकारों, बाल संरक्षण एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 430 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में न्यायाधीश तरुण वर्मा ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।
अधिवक्ता सक्षम शर्मा ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा, अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान तथा किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बिना भय के शिकायत करने के बारे में बताया।
मनोवैज्ञानिक श्री रवि कुमार ने बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में अभिभावकों एवं शिक्षकों से खुलकर बात करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग, फर्जी कॉल एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
जिला समन्वयक डॉ. हितेश चंद शर्मा ने बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को जागरूक एवं सतर्क रहने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका तथा जरूरतमंद बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया।
बाल कल्याण अधिकारी रजनी गुप्ता ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों तथा बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास एवं कल्याण से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा, बाल विवाह की रोकथाम, यौन अपराधों से संरक्षण तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था।
इस जागरूकता शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वे किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या साइबर अपराध का शिकार होने पर चुप न रहें, बल्कि अपने अभिभावकों, शिक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें तथा आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करें।

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