Tuesday, September 1, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सड़क सुरक्षा क्विज प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at August 31, 2026 Tags: , , , , ,

कॉलेज के 600 विद्यार्थियों ने लिया भाग  

अब वक़्त आ गया है कि लोग सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर बने: डॉ अनुपम अरोड़ा  

BOL PANIPAT , 31 अगस्त. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रेफिक) करनाल के मार्गदर्शन में और कॉलेज एनएसएस यूनिट्स एवं कॉलेज रोड सेफ्टी क्लब की देख-रेख में सड़क सुरक्षा क्विज प्रतियोगिता के जिला स्तरीय लेवल के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें कॉलेज के लगभग 600 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया । प्रतियोगिता में एएसआई करमबीर, कॉलेज में सड़क सुरक्षा क्लब के नोडल ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, एन एस एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ संतोष कुमारी, डॉ पवन कुमार और डॉ संगीता गुप्ता का विशेष सहयोग रहा । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया । कॉलेज में लेवल-3 और लेवल-4 के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ । 

विदित रहे कि क्विज प्रतियोगिता के इस अभियान की शुरुआत तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक शत्रुजीत कपूर आईपीएस की प्रेरणा से 2013 में शुरू हुई और आज यह अभियान रिकॉर्ड भागीदारी का अनूठा उदाहरण बन चुका है और इसे लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी स्थान मिला है । पुलिस विभाग के समस्त ऑफिसर और शिक्षा विभाग के सांझा प्रयासों से इस प्रतियोगिता के आयोजन में रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया है । 

करमबीर एएसआई ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा लोगो को नियमों का पालन करवाने के पुरे प्रयास किये जा रहे है ताकि नियमों का पालन न करने वालो पर नज़र रखी जा सके । विदेशों में कम दुर्घटनाये होने का कारण वहां के लोगों का अनुशासनप्रिय होना है । वक़्त आ गया है कि लोग अब सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर हो । ड्राइविंग की समझ के अभाव और यातायात नियमों की निरंतर अवहेलना ने हमारी सड़कों को बेहद असुरक्षित बना दिया है । यह कोई कम आश्चर्य की बात नहीं है कि मोटर वाहन चालकों, पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और यहाँ तक कि यातायात पुलिस कर्मियों को भी यातायात के नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं है । सुरक्षित ड्राइविंग की जानकारी के अभाव और यातायात के नियमों को भली-भाँती लागू न किये जाने के कारण आज सड़कों पर अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है । भारत में हर साल एक लाख चालीस हज़ार से अधिक व्यक्ति सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते है । केवल पिछले दशक में ही देश में सड़कों पर होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है । 

डॉ अनुपम अरोड़ा ने बढती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि   स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व के कुल वाहनों में से केवल एक प्रतिशत वाहन भारत में है जबकि विश्व में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 10 प्रतिशत हादसे भारत में होते है । हमें चाहिए कि हम बचपन से ही अपने बच्चो को यातायात ने नियमों और सड़क-चिन्हों के बारे में बताये और सिखाये । सड़क सुरक्षा एक सामाजिक कार्य होने के साथ-साथ मानव जीवन से जुड़ा पहलू है, जिसकी अनदेखी अमूल्य जीवन पर भारी पड़ सकती है। सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने हेतु सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना आवश्यक है । बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करने का गुण हर युवा में होना चाहिए । वाहनों की बढती संख्या ने सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दे को प्रासंगिक बना दिया है । अब सड़क पर चलने वाले हर इंसान की जान को बचाना और संजोना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए । यातायात संबन्धित ज्यादातर समस्याएँ युवाओं से जुड़ी है । ऐसे में हर युवा का दावित्व है कि वह आने वाली पीढ़ियों को निराश न करे और सड़क सुरक्षा को मन से अपनाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को पढ़े और समझे । मस्ती और जोश में आकर वाहनों को चलाना अकसर घातक सिद्ध होता है । सड़क सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है जिसको पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता के साथ हर बार उठाया है और समाज को नई दिशा दिखाई है । क्विज प्रतियोगिता भी इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है ।

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