त्रिदिवसीय व्याख्यान सत्र शृंखला का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में संस्कृत विभाग के तत्वावधान में एक त्रिदिवसीय व्याख्यान सत्र शृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय गीता ओलम्पियाड को लक्षित करके रखा गया । इस कार्यक्रम का शुभारम्भ वक्ता कुलभूषण को तुलसी पौधा भेंटकर किया गया।प्रथम दिन उत्कर्ष शुक्ला ने ‘आदतों की शक्ति (Power of Habits)’ विषय पर विद्यार्थियों को प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास के लिए अत्यन्त उपयोगी होती हैं। उन्होंने कहा कि आदतों की सही दिशा में संरचना ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।मुख्य वक्ता उत्कर्ष शुक्ला ने अपने वक्तव्य में कहा कि मनुष्य का सम्पूर्ण व्यक्तित्व उसकी आदतों पर आधारित होता है। सकारात्मक आदतें जीवन को अनुशासित, सफल और सुखी बनाती हैं, जबकि नकारात्मक आदतें पतन का कारण बनती हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने समय का सदुपयोग करते हुए श्रेष्ठ आदतों को अपनाएँ।तृतीय व अंतिम दिन श्री कुलभूषण मुख्य वक्ता रहे व विषय “स्वमस्तिष्क पर नियन्त्रण” रहा, समापन सत्र पर उप प्राचार्या डॉ किरण मदान ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे व्याख्यान सत्र विद्यार्थियों के लिए दिशा-सूचक दीपक का कार्य करते हैं। आदतों की शक्ति को समझकर विद्यार्थी न केवल अपने शैक्षिक जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में भी आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन छोटी-छोटी सकारात्मक आदतें विकसित कर उन्हें जीवन का स्थायी अंग बनाएँ।
संयोजिका डॉ. अंजलि ने अपने संदेश में कहा कि संस्कृत विभाग सदैव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व-विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नैतिकता और जीवन-दर्शन का संचार करते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन सोनिया वर्मा ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में डॉ पूनम मदान, मनीत कौर, राहुल कुमार, रुचिका बत्रा उपस्थित रहे व कार्यक्रम की शोभा बढाई।

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