सर्दी के मौसम में कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय अधिक सावधानी बरते: एसपी लोकेंद्र सिंह आईपीएस
-सड़क सुरक्षा व सुरक्षित सफर को लेकर जिला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
BOL PANIPAT : 06 जनवरी 2025, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि सर्दी, कोहरे के मौसम में एहतियात उपायों से आप स्वयं ही नही बल्कि दूसरों का भी सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे जैसे सर्दी बढ़ रही है वैसे-वैसे धुंध/कोहरा भी बढ़ रहा है। सर्दी के मौसम में धुंध पड़ने से सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है। दृश्यता कम होने से वाहनों के दुर्घटना ग्रस्त होने का अंदेशा बढ़ जाता है। आम दिनों की अपेक्षा धुंध के मौसम में वाहन चालकों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दी के मौसम में कोहरे की वजह से सड़क हादसों की संभावना चालीस फीसदी तक बढ़ जाती है। सुरक्षित ड्राइविंग से सड़क हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।वाहन मालिक एवं चालक अपने-अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर जरूर लगाएं। धुंध के मौसम में रिफ्लेक्टिव टेप बहुत ही कारगर साबित होती है।
पुलिस ने सुरक्षित ड्राइविंग संबंधी टिप्स जारी करते हुए यात्रियों को स्पीड का खास ध्यान रखकर धीमी गति से वाहन चलाने का आग्रह किया है। साथ ही, वाहन मालिक यह भी सुनिश्चित करें कि वाहनों की हेड लाइट, टेल लाइट, फॉग लाइट सहित इंडिकेटर, ब्रेक, टायर, विंडस्क्रीन वाइपर, बैटरी व कार हीटिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं। धुंध के दौरान यात्रा करते समय वाहन चालक लो-बीम हेड लाइट का इस्तेमाल करें क्योंकि धुंध के दौरान हाई-बीम हेड लाईट कारगर नही होती है। इंडिकेटरस को भी ऑन रखें ताकि दूसरे वाहन को भी आपके वाहन का पता चल सके। यदि कोहरे के कारण दृश्यता न्यून हो जाती है तो ऐसी स्थिति में फॉग लाइट को उपयोग अवश्य करें।
पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने वाहन चालकों को धुंध के दौरान सड़क हादसों को लेकर पूरी तरह आगाह करते हुए कहा है कि धुध के दौरान सड़क पर वाहन चलाते समय वाहनों के बीच उचित दूरी बना कर रखे व दृश्यता बेहद खराब होने की स्थिति में वाहन चालक सड़क पर पेंट की गई लाइन को गाइड के रूप में उपयोग करते हुए वाहन चलाएं। ड्राइव करते समय जरूरी है कि आपका पूरा ध्यान सड़क पर हो। धुंध के दौरान गाड़ियों की गति सीमा नियंत्रित रखने व मोबाइल फोन तथा म्यूजिक सिस्टम का उपयोग करने से बचे। इसके अतिरिक्त, बाहर की आवाज का ध्यान रखने के लिए वाहनों के शीशे थोड़ा नीचे रखें ताकि जो दिखाइे न दे सके उसे सुनकर यात्रा को पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाया जा सके। इमरजेंसी स्टॉप होने पर, जहां तक संभव हो सड़क से नीचे वाहन को उतारने की सलाह दी गई है। ओवरटेकिंग नही करने के अतिरिक्त, लेन बदलने व व्यस्त सड़कों पर वाहन रोकने से बचने के लिए भी कहा गया है। यातयात नियमों का पालन करना न केवल अपने लिए व दुसरों के लिए भी बुहत जरुरी है। सड़क पर जब हम यातायात नियमों का पालन करेंगे तभी हम सड़क पर सुरक्षित रह सकते है, सुरक्षित व सतर्क होकर वाहन चलाए।
वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सावधानियां जरूर अपनानी चाहिए। जिला पुलिस द्वारा वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप भी लगाई जा रही है।

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