ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत: शामलात भूमि पर बने पात्र मकानों को मिलेगा मालिकाना हक, समाधान पोर्टल शुरू: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
अब अपने घर का मिलेगा कानूनी अधिकार: 2004 से पहले बने पात्र मकानों के नियमितीकरण का सुनहरा अवसर
हरियाणा सरकार की ऐतिहासिक पहल, दलालों से रहें सावधान, खुद करें आवेदन: समाधान पोर्टल से मिलेगा घर का वैध मालिकाना हक
वर्ष 2004 से पहले बने 500 वर्ग गज तक के पात्र मकानों का होगा नियमितीकरण
BOL PANIPAT , 27 जुलाई। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से पंचायती (शामलात) भूमि पर रह रहे पात्र परिवारों को बड़ी राहत देते हुए समाधान पोर्टल की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से वर्ष 2004 से पहले पंचायती शामलात भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के पात्र मकानों का नियमितीकरण कर उन्हें कानूनी मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। अब पात्र परिवार घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर अपने मकान को वैध कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनके आशियाने का वैध अधिकार प्रदान करना और वर्षों से चली आ रही भूमि संबंधी समस्याओं का स्थाई समाधान करना है।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के माध्यम से पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाधान पोर्टल ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलने के साथ-साथ भविष्य में भूमि विवादों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने सभी पात्र ग्रामीणों से अपील की कि वे समय रहते आवेदन कर इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ अवश्य उठाएं।
जिला परिषद पानीपत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. किरण सिंह ने बताया कि समाधान पोर्टल का मुख्य उद्देश्य वर्षों से पंचायती भूमि पर निवास कर रहे पात्र परिवारों को कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है। इससे न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी बल्कि नागरिकों को अपने घर पर वैध मालिकाना हक भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उन परिवारों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है, जो लंबे समय से अनिश्चितता की स्थिति में रह रहे थे।
उन्होंने बताया कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी है। पात्र आवेदकों को सबसे पहले समाधान पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। विदित रहे कि पात्र व्यक्ति को आवेदन पत्र भरकर सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद प्राप्त रसीद को सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। इसके उपरांत संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में नवीनतम खसरा गिरदावरी एवं जमाबंदी की प्रति, वर्ष 2004 अथवा उससे पूर्व की जमाबंदी, मकान का साइट प्लान अथवा नक्शा, मकान के विभिन्न कोणों से खींचे गए रंगीन फोटो, वर्ष 2004 से पूर्व के कब्जे का प्रमाण तथा डिमार्केशन रिपोर्ट, फील्ड बुक एवं अक्स-शजरा शामिल हैं।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी दी कि योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी दलाल या धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। सभी पात्र नागरिक स्वयं अथवा अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से ही अपना ऑनलाइन आवेदन करें। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या अपात्र होते हुए भी फर्जी आवेदन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी समाधान पोर्टल, संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय, ग्राम पंचायत, ग्राम सचिव अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से प्राप्त की जा सकती है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के सभी पात्र ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाते हुए समय पर आवेदन करें और अपने मकान का कानूनी मालिकाना हक सुनिश्चित करें।

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