एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में छात्राओं ने आयोजित किया विदाई समारोह
आशु मिस फेयरवेल, शमा मिस चार्मिंग, कोमल मिस एलीगेंट, गीता मिस कॉंफिडेंट और करीना बनी फेयरवेल का बेस्ट चेहरा
आत्मविश्वास, साहस, धैर्य और कठिन परिश्रम से हर कठिनाई पर जीत संभव: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में बीए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने बीए अंतिम वर्ष की छात्राओं केसम्मान और उज्जवल भविष्य की कामना हेतूविदाई समारोह का आयोजन किया और अपने प्राध्यापकों एवंसीनियर्स के साथ खूब धमाल मचाया.प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विदाई समारोह का विधिवत आगाज किया. प्रो नरेंद्र कौशिक,प्रो अन्नू आहूजा, डॉ मोनिका खुराना, डॉ संतोष कुमारी, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, प्रो सुषमा दहिया, प्रोसन्नी, प्रो डेनसन डी पॉल समेत अन्य प्राध्यापकोंने छात्राओं के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, गीत-संगीत और विभिन्न खेलों में भाग लेकर भरपूर आनंद लिया. म्यूजिकलचेयर गेम को वानिकी ने जीता. मंच संचालन छात्रा कुसुम, प्रांजली, मोनिका, तन्नु, ख़ुशी, प्रीतीऔर सुप्रिया ने किया. ‘सावन में लग गई आग’, ‘टिप टिप’, ‘कर गई चुल’, ‘ओ साकी साकी रे साकी’, ‘जब छाए मेरा जादू, ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’, ‘कालाचश्मा’ आदि गीतों पर छात्राएजमकर थिरकी. ओवरआल प्रदर्शन के आधार परआशु मिस फेयरवेल, शमा मिस चार्मिंग, कोमलमिस एलीगेंट, गीता मिस कॉंफिडेंट और करीना फेयरवेल का बेस्ट चेहरा चुनी गई.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि तीन सालों की कड़ी मेहनत और लगनके बाद अब छात्राओंकोअपने उज्जवल भविष्य के लिए कॉलेजसे जाने का समय आ गया है.अब छात्राओं को अपने अनुभव के अनुसार जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना करना है. परन्तु छात्राएं जीवन में एक बात हमेशा याद रखे कि उन्हें किसी भी चुनौती से घबराना नहीं है.आत्मविश्वास, साहस, धैर्य और कठिन परिश्रम से हर कठिनाई का सामना करे और जीवन में हमेशा आगे बढ़ते जाए.तभी उनका भविष्य उज्जवल बनेगा. कॉलेजके सभी शिक्षक इन छात्राओं कीअनुपस्थिति को जरूर महसूस करेंगे लेकिन कॉलेज का हर सदस्य अपने विद्यार्थियों को मुस्कुराते हुए और कामयाब देखना चाहता है. छात्राओंद्वारा हासिलकी गयी उपलब्धियों को कॉलेजकभी नहीं भूलेगा. उन्होनें कहा कि हमारीदिल से यही इच्छा है किआज विदा हो रही सभी छात्राएं जीवन में बहुत आगे बढ़े और पूरे देश में इस कॉलेज और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें.
प्रो अन्नू आहूजा एसोसिएट प्रोफेसर अंग्रेजी विभाग ने कहा कि फेयरवेल अंग्रेज़ी के दो शब्दों फेयर तथा वेलसे मिलकर बना है. इसमेंफेयरका अर्थ है सफ़र और वेलका अर्थ है अच्छा. छात्राओं की आने वाली ज़िंदगी का सफ़र अच्छा और समृद्ध रहे यही इस शब्द का भाव और मर्म है.जब हमारा कोई करीबी या हमारेसाथ पढने वाला हमारा साथी हमसे अलग होता है तब उसे शुभकामनाओं के साथ विदा करने को फेयरवेल या विदाई कहते है. विदाई समारोह से विदा होने वाले और विदा करने वाले दोनों के दिलो में एक-दूसरे के लिए सुनहरी यादे बन जाती है जिन्हें हम जीवन पर्यंत याद रखते है.
डॉ मोनिका खुराना ने कहा कि सभी प्राध्यापकों की शुभकामनाएं हमेशा छात्राओं के साथ रहेगी और उनकी आने वाली ज़िंदगी स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध होगी. छात्राओं को जीवन में कभी भी चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए और उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए. कॉलेज की हर छात्रा सफलता के शीर्ष पर पहुंचे ऐसी उनकी कामना है.

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