नाबालिग को शादी की नीयत से बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा व 1 लाख 5 हजार रूपए जुर्माना
BOL PANIPAT : 04 नवम्बर 2022, पानीपत पुलिस की जारी दमदार एवं उत्कृष्ट पैरवी, नाबालिग को शादी की नीयत से बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को सजा दिलाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका. माननीय न्यायालय द्वारा दोषी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा व 1 लाख 5 हजार रूपए जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 3 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है.
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन द्वारा जिला के सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व पॉस्को एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें। साथ ही मामलें में महत्वपूर्ण व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय में आरोपियों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें। इन निर्देशों की पालना के परिणाम स्वरूप पानीपत पुलिस द्वारा की गई दमदार एवं उत्कृष्ट पैरवी से नाबालिग को शादी की नीयत से बहला फुसलाकर भगा ले जाने, दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय श्री सुखप्रीत सिंह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास सजा और 1 लाख 5 हजार रूपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि ना भरने पर दोषी को 3 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना सदर क्षेत्र की एक महिला ने 1 अक्तूबर 2018 को पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति ने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी 29 सितम्बर को बगैर किसी को कुछ बताए घर से कही चली गई। उन्होंने आस पास विभिन्न स्थानों पर तलाश की, लेकिन कही कुछ पता नहीं चला। उन्हें शक है कि उसकी बेटी को किसी ने अगवा किया है। थाना सदर में आईपीसी की धारा 365 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम ने तलाश शुरू कर दी थी। 6 अक्तूबर 2018 को किशोरी पानीपत रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया । पुलिस टीम द्वारा किशोरी के 164 सीआरपीसी के तहत माननीय न्यायालय के समुख ब्यान अंकित करवाए गए थे। सिविल अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल करवा गया। मामलें में 6 पॉक्सो एक्ट व आईपीसी की धारा 363, 366ए, 506 इजाद कर कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इसके दो दिन बाद ही आरोपी पदम निवासी गांव नैन पानीपत को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया था।
इन धाराओं व एक्ट में हुई सजा
दोषी पदम को 6 पॉक्सो एक्ट व 376 (2) आईपीसी में 20-20 साल कठोर कारावास की सजा, 35-35 हजार रूपए जुर्माना और जुर्माना ना देने पर 3-3 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है। आईपीसी 363 में 3 साल सजा, 15 हजार रूपए जुर्माना, ना देने पर 6 माह अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। आईपीसी 366 में 5 साल सजा, 20 हजार जुर्माना, ना देने पर 1 साल अतिरिक्त सजा व आईपीसी 506 में 1 साल की सजा सुनाई है।

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