सभ्यता के विकास में साहित्य और रंगमंच की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है:पीके दास
–एसडी पीजी कॉलेज में ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’नाट्य कार्यशाला में विमर्श मंथन
–पीके दास, आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग ने किया रंगमंच कर्मियों का उत्साहवर्धन
BOL PANIPAT :एसडी पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकारके अंतर्गत आने वाले संस्थान नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’’नई दिल्ली द्वारा एक माह तक चलने वाली नाट्य कार्यशाला में विमर्श-मंथन हेतू बतौर मुख्य अतिथिपीके दास आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग हरियाणा सरकार नेशिरकत की और प्रतिभागी रंगमंच कर्मियों का हौंसला बढाया.अति विशिष्ट मेहमान के तौर पर आरके सिंह कमिश्नर नगर निगम पानीपत और वीना हुड्डा अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत भी उपस्थित रहे.वीएस डुल एसडीएम पानीपत,एके रहेजा चीफ इंजिनियर यूएचबीवीएन रोहतक,एसएल सचदेवा चीफ इंजिनियर पानीपत थर्मल कार्यशालाका हिस्सा बने. कार्यशाला के कैंप डायरेक्टर लोकेन्द्र त्रिवेदी,असिस्टेंट डायरेक्टर सत्येन्द्र मलिक और सतीश दवे है और इसे एनएसडी के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश खन्ना का सानिध्य प्राप्त है.सभी माननीय मेहमानों का स्वागत एसडी एजुकेशन सोसाइटी के संरक्षक पवन गर्ग,एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने पुष्प रोपित पौधे और शाल भेंट कर किया. कार्यशाला के को-कोर्डिनेटर राजीव रंजन पीआरओ बिजली विभाग पंचकूला ने मंच संचालन किया. प्रदेश में उभरते लेखकों और रंग-मंच कलाकारोंकी युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में आयोजित यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिसमे प्रसिद्ध काव्य ग्रन्थ “हल्दी घाटी” पर नाटक तैयार किया जा रहा है. नाटक विधा के बहुआयामी पक्षों से जुड़े विषय विशेषज्ञ और कलाकार विभिन्न विधाओं में इन विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उन्हें निपुण बना रहे है.आज का आयोजन शुरुआत समिति, कॉलेज यूथ रेड क्रॉस और एनएसएस यूनिट के सानिध्य में हुआ और इस शुभ अवसर पर पीके दास आईएएस ने कॉलेज प्रांगण में अपने हाथों से पौधा रोपित किया.

पीके दास आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग हरियाणा सरकार नेने प्रतिभागी रंगमंच कर्मियों का हौंसला बढाते हुए कहा की नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा उनके द्वार तक खुद चलकर आया है और यह उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होनें कहा की बिजली विभाग की यह पहल सामाजिक इंजीनियरिंग के ध्येय को ध्यान में रखकर की गई है. जिस समाज का साहित्य और रंग-मंच से कोई जुड़ावनहीं है वह समाज असभ्य है. सभ्यताके विकास में साहित्य और रंगमंच की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. युवा अवस्था में नाटक सिखने और इसमें भाग लेने के कई फायदे है.नाटक हमारे कौशलों और आत्मविश्वास का निर्माण करता हैऔर इसका उपयोग हम अपने भविष्य के जीवन और व्यवसाय में भी कर सकते है. अच्छा कलाकार निडर बनता है और उसका आत्म विश्वास भी बेहद मजबूत होता है. बिजली विभाग अब सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान केन्द्रित करने लगा है ताकि समाज का विकास समग्र हो. नाटक के माध्यम से हमअपने बोलने के तरीके में सुधार ला सकते है और इससे हमारा सामाजिक एवं बौद्धिक विकास भी होता है. हाव-भाव की मदद से हम अपने विचारों और भावनाओं को दूसरो तक बेहतर तरीके से पहुंचा सकते है.नाटक हमें वास्तविक जीवन की स्थितियों मेंले जाता है जिनपर पर विचार करके हमअन्य लोगों की भावनाओं के प्रति समझ विकसित कर पाते है. रंमंच कर्मियों में निर्णय लेने का कौशल अधिक होता है और यह छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करता है. विचारों के उच्चतर स्तर को प्रोत्साहित करने का काम रंमंच का है.
वीना हुड्डा अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत ने कहा की रंगमंचअभिव्यक्ति और व्यक्तित्व निखार कासबसे मजबूत माध्यम है और हरियाणा बिजली विभाग की यह पहल अत्यंत सराहनीय है.इंजीनियरिंग से हटकर समाज के लिए कुछ करने का जो पुनीत कार्य बिजली विभाग ने शुरू किया है उसकी जितनी तारीफ़ की जाए वह कम है.साहित्य और नाटक के बिना समाज काउत्थान संभव नहीं है.मानवीय मूल्यों के बिना समाज की प्रगति का कोई अर्थ नहीं है और ऐसे में इस प्रकार की कार्यशाला का औचित्य और अधिक बढ़ जाता है. युवाओं के सम्पूर्ण व्यक्तित्व और बहुआयामी विकास के लिए ऐसे मंचो और नाटकों का होना नितांत आवश्यक है. कलाओं से सम्पन्न व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ सकता है. भिन्न-भिन्न कलाओं और विधाओं को सीख कर युवा जीवन को सफल बना सकते है.

अपने स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा नई दिल्ली अनुभवी एवं हुनरमंद रंगकर्मियों ने ऐसे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण हेतू चुना है जिन्हें स्टेज का कोई अनुभव नहीं है और यह बात अत्यंत सराहनीय है. लोक-साहित्य,आधुनिक भारतीय नाटक, पारंपरिक भारतीय रंगमंच रूपों, एशियन नाटक और पाश्चाात्य नाट्य प्रोटोकॉल के सुनियोजित अध्ययन और व्यावहारिक प्रस्तुतिकरण अनुभव छात्रों को रंगमंच कला कीइस कार्यशाला में मिलेगा ऐसा उन्हें अटूट विश्वास है. कॉलेज कोएनएसडी के साथ जुड़ने पर गौरव की अनुभूति हुईहै.
पवनगोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज नेकहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमें भविष्य के लिए भावी साहित्यकार और नाटककारअवश्य मिलेंगे.उन्होने विद्यार्थियो से आह्वान किया कि वे इस कार्यशाला में पूरे लगन के साथ भाग ले और अपनी इसका एक भी पल बर्बाद न होने दे.
लोकेन्द्र त्रिवेदी कैंप डायरेक्टर ने कहा की इस कार्यशाला में दिया जाने वाला प्रशिक्षण गहन, संपूर्ण एवं व्यापक है और इसमें रंगमंच के हर पहलू को समाहित किया गया है.प्रशिक्षण पाकर इन छात्राओं को एक नाटक ‘हल्दी घाटी’ तैयार करने हैं जिसे अंतिम दिन जन समूह के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. कार्यशाला में भाग लेने वाले किसी भी छात्र-छात्रा को स्टेज का कोई अनुभव नहीं है और इसीलिए यह कार्यशाला रोचक और चुनौतीपूर्ण है. आज के इन कलाकारों में ही भविष्य का कोई नायक या नायिका छुपी है.
एके रहेजा चीफ इंजिनियर यूएचबीवीएन रोहतक नेकहा की हरियाणा बिजली वितरण निगम के अतिरिक्त मुख्य सचिवके प्रयासों से हरियाणा राज्य के गाँव में 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी. आज प्रदेश में बिजली निगम घाटे से उभरकर फायदे में आ गया है. बिजलीवितरण निगम का जहाँ पहले करीब 80 प्रतिशत लाईन लोस था अब वह घटकर 20 प्रतिशत के करीब रह गया है और भविष्य में इसे 15 प्रतिशत तक लाने का प्रयास किया जा रहा है. हरियाणा बिजली वितरण निगम के लाभांश का दो प्रतिशत पैसा समाजहित में लगाया जा रहा है. सरदार पटेल के नाम से लाईब्रेरी गाँव में डिजिटल और मॉडर्न लाईब्रेरीया बनाई जा रही है और इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन भी इसी कारण संभव हुआ है.
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ संगीता गुप्ता, प्रो अन्नू आहूजा, प्रो गीता प्रुथी, प्रो नरेंद्र कौशिक,डॉ सुरेन्द्र वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ मुकेश पूनिया, दीपक मित्तल आदिउपस्थित रहे.

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