श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के तत्वाधान में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में हुआ महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह का भव्य आयोजन
महाराजा अग्रसेन के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर हुआ गंभीर विमर्श
युगपुरुष, समाजवाद के प्रवर्तक एवं करुणामयी स्वभाव के कारण महाराजा अग्रसेन को युगो-युगो तक किया जाएगा याद: रोशन लाल मित्तल
भाषण, काव्य पाठ और स्केच एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
BOL PANIPAT : श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के तत्वाधान में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह का भव्य आयोजन हुआ जिसका उदघाटन मुख्य अतिथि एवं श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के संरक्षक रोशन लाल मित्तल ने किया. इस अवसर पर सोसाइटी के विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारियों एवं माननीय सदस्यों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढाई.अतिविशिष्ट उपस्थिति में श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) से प्रधान अनूप गर्ग प्रधान,सचिव दिनेश गोयल, उप-सचिव सुरेन्द्र जिंदल, पवन गर्ग चेयरमैन एसडी इंटरनेशनल स्कूल,सतीश चंद्रा चेयरमैन एसडी विद्या मंदिर हुड्डा,रघुनन्दन गुप्ता चेयरमैन एसडीवीएम सिटी,फकीरचंद बिंदल प्रधान एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विनोद कुमार गुप्ता चेयरमैन एमएएसडी पब्लिक स्कूल, राम लाल सिंगला ऑडिटर एसडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, आकाश गर्ग उपप्रधान एमएएसडी पब्लिक स्कूल, प्रमोद बंसल मैनेजरएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मुकेश सिंगला कैशिएर एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एसडी एजुकेशन सोसाइटी के सदस्य नरेश सिंगला, श्याम लाल, अतुल गर्ग, वीरेंद्र बंसल, अशोक चौधरी, अन्नू गुप्ता प्राचार्यएसडी विद्या मंदिर हुड्डा, सतबीर गुप्ता, अजय गुप्ता, सुमित गर्ग, संजय बंसल और डॉ अजय गर्ग प्राचार्य आईबी कॉलेज कार्यक्रम में उपस्थित रहे. माननीय मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्रधान पवन गोयल, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला, कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा नेगुलदस्तेभेंट कर किया. तत्पश्चात माननीय मुख्य अतिथि रोशन लाल मित्तल के करकमलों से दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई.

विदित रहे की कार्यक्रम में श्रीएसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के सभी शिक्षण संस्थानों से आये छात्र-छात्राओं ने भाग लिया औरभाषण, काव्य पाठ और स्केच एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओंमें अपने हुनर का लोहा मनवाया. औरसभी को ट्राफी भेंट की गई.कार्यक्रम में सांस्कृतिक गतिविधियाँ, गीत और नृत्य भी पेश किये गए जिनमें श्रुति गोस्वामी के ‘ढोल बाजे’ गीत पर किये नृत्य को सभी ने सराहा. हर्ष राणा और बबलू प्रजापत के नृत्य ने भी सभी का मन मोह लिया.मंच संचालन डॉ संगीता गुप्ता ने किया.
भाषण प्रतियोगिता मेंपलक, प्रिया, वैदिका कत्याल, नंदिनी तनेजा, सौरभ, वरुण, कार्तिक, कनिका, आदित्यआदि ने हिस्सा लिया.काव्य पाठ प्रतियोगिता में मानवी, खुशबू कंसल, पीहू शर्मा, वेदान्त गोयल, कुशाग्र जिंदल, कुसुम, पलक, वर्णिका ने अपनी खुद की लिखी कविताओं को सबके समक्ष रखा.स्केच एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में लक्षिता, अचिंत कौर, परिणीता, अन्वी, सिमरन, आर्शिया, तिक्षिता, जगप्रीत, कुशाग्र, अनस,नय्यर, छाया, साहिल, विकास आदि ने रंगों के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के जीवन को कागज़ पर उकेरा. सभी प्रतिभागियों को ट्राफीयां भेंट की गई.

रोशन लाल मित्तलसंरक्षक श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) ने कहा की महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का प्रणेता कहा जाता है क्योंकि उन्होनें ही एक सही और आदर्श समाजवाद की स्तापना के लिए यह नियम बनाया था की अगर उनके राज्य में बहार से कोई भी व्यक्ति या मेहमान बसने के लिए आता है तो राज्य का हर एक परिवार नए व्यक्ति को एकईट और एक सिक्का देगा जिससे वह व्यक्ति अपना माकन बना सके और अपना व्यापार शुरू कर सके. इसी कारण उनके राज्य में कोई भी न तो गरीब था और न ही लाचार. आधुनिक समाजवाद के प्रणेता महाराज अग्रसेन ही है औरउनका यह सिद्धांत आज भी कायमहै और इसी कारण उन्हेंएक बहुत बड़े समाजवादी के रूप में देखा जाता है. महाराजा अग्रसेन को युगपुरुष, समाजवाद के प्रवर्तक और उनके करुणामयी स्वभाव के लिए युगो-युगो तक याद किया जाएगा.वह क्षत्रिय समाज के राजा बल्लभ सेन के सबसे बड़े पुत्र थे. उस समय लोगों के द्वारा पशु-पक्षियों की बलि दी जाती थी जो इन को पसंद नहीं थी. इसी की वजह से उन्होंने अपने क्षत्रिय धर्म को छोड़कर वैश्य धर्म को अपना लिया था. आज हम महाराजा अग्रसेन के जन्मदिन को अग्रसेन दिवस के रूप में मनाते हैं.वह क्षत्रिय समाज के राजा बल्लभ सेन के सबसे बड़े पुत्र थे. उस समय लोगों के द्वारा पशु-पक्षियों की बलि दी जाती थी जो इनको पसंद नहीं थी. इसी की वजह से उन्होंने अपने क्षत्रिय धर्म को छोड़कर वैश्य धर्म को अपना लिया था. आज हम महाराजा अग्रसेन के जन्मदिन को अग्रसेन दिवस के रूप में मनाते हैं.
पवन गोयल प्रधान ने कहा की महाराजा अग्रसेन ने अपने जीवन में हमेशा अपने विचारों और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर समाज को एक नई दिशा दिखाई है.महाराजा अग्रसेन के कारण ही हमारे समाज में व्यापार के महत्व को भी व्यापारी वर्ग के लोगों ने समझा और इसी के सम्मान में भारत सरकार ने 24 सितंबर 1976 को महाराजा अग्रसेन कीडाक टिकट निकाल कर उनका मैन बढ़ाया. महाराजा अग्रसेन के नाम पर हमारी सरकार ने बहुत सी जगहों पर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज उनके नाम पर ही बनवाए गए हैं. बेशक उनका जन्म क्षत्रिय परिवार में हुआ था लेकिन बाद में उन्होनें देश धर्म को अपना लिया था. महाराजा अग्रसेन के 18पुत्र थे उन सभी पुत्रों को 18 यज्ञों का संकल्प दिलाया गया. इस संकल्प को 18 ऋषियों के द्वारा पूरा गया गया और इन ऋषियों के आधार पर ही अग्रवाल समाज के 18 गोत्र की उत्पत्ति हुई और अग्रवाल समाज का निर्माण हुआ. उन्होनें कहा की मनुष्य को अपना जीवन इस तरह से बनाना चाहिए कि उसको मौत से पहले ही धरती पर स्वर्ग लगे. महाराजा अग्रसेन को पशु-पक्षियों से अत्यधिक प्रेम था और इसीलिए उन्होंने पशुओं की बलि को रोककर नए समाज का निर्माण किया.

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