Tuesday, February 10, 2026
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“मन चंगा तो कठौती में गंगा – हर एनएसएस कार्यकर्ता की सफलता का मूल मन्त्र बन सकता है”: रोशन सचदेवा

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 16, 2022 Tags: , , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का दूसरा दिन

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बीए प्रथम की छात्रा तमन्ना ने पाया पहला स्थान  

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के एनएसएस पाठ्यक्रम के अनुसार 15 से 21 फरवरी तक चलने वाले सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का दूसरा दिन रहा जिसमे पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व चीफ मैनेजर रोशन सचदेवा ने एनएसएस कार्यकर्ताओं को आनलाइन बैंकिंग एवं एटीएम के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी एवं इससे बचने के उपायों पर चर्चा की. सुश्री वंशिका गुगनानी टैरो कार्ड रीडर एवं हीलर ने रोचक एवं व्यावहारिक परस्पर विचार-विमर्श में एनएसएस कार्यकर्ताओं को टैरो कार्ड के माध्यम से उनका भविष्य बताया और उन्हें परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया. माननीय मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग एवं डॉ संतोष कुमारी ने किया. रात-दिन चलने वाले सात दिवसीय आवासीय कैंप को कॉलेज द्वारा गोद लिए गए गाँव काबडी में आयोजित किया जा रहा है जिसमे कॉलेज एनएसएस की दो यूनिटस के लगभग 110 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे है. प्रात:कालीन सत्र में संत रविदास की प्रतिमा पर माननीय मेहमानों और कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर देश के इस महापुरुष को याद किया. तत्पश्चात एनएसएस कार्यकर्ताओं को योग एवं ध्यान कराया गया ताकि वे पूरा दिन तन एवं मन से मजबूत रहे और सफलता के साथ सामाजिक हित के कार्य कर सके. पर्यावरण के विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बीए प्रथम की छात्रा तमन्ना ने प्रथम, एमएससी फिजिक्स के छात्र दीपक ने दूसरा और बीकॉम प्रथम की नैंसी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया.  

रोशन सचदेवा पूर्व चीफ मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक ने एनएसएस कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्हें आनलाइन बैंकिंग एवं एटीएम के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी एवं इससे बचने के उपायों पर चर्चा की और उनसे आग्रह किया की वे गाँव जाकर इन सभी बातों को ग्रामीणों को भी समझाए. उनके मुताबिक बैंक ग्राहकों के साथ होने वाले अधिकांश धोखाधड़ी के मामले जागरुकता के अभाव में होते हैं. सरकार, बैंक और रिजर्व बैंक लगातार अभियान चलाते रहते हैं जिसमें बैंक से जुड़ी धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताये जाते हैं. लेकिन अधिकांश मामलों में लोग किसी लालच के चक्कर में या अपनी गलती की वजह से धोखेबाजों के हाथों अपनी रकम गंवा देते हैं. बैंक के नियमों के मुताबिक अगर कोई ग्राहक स्वयं किसी धोखेबाज को अपनी सभी जानकारियां और ओटीपी दे देता है तो बैंक इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. इसी वजह से कई लोगों को धोखा खाने के बाद अपनी रकम वापस नहीं मिलती. उन्होनें कहा की रिजर्व बैंक के मुताबिक कोई भी बैंक या बैंक का अधिकारी फोन कर हमसे बैंक के कार्ड, हमारी जानकारियां, कार्ड के सीवीवी नंबर या ओटीपी की जानकारी नहीं मांगता है. अगर हमें कोई फोन कर किसी भी बहाने से जानकारियां मांगता है तो हमें समझ जाना चाहिए की वह फ्रॉड कर रहा है. इ-मेल के द्वारा भेजे गये किसी भी अनजान लिंक को हमें कभी भी क्लिक नहीं करना चाहिए क्यूंकि धोखेबाज लोग हमारे सिस्टम में कोई वायरस डाल कर हमारी जानकारियां चुरा सकते है. बेहद ज्यादा ब्याज या फायदा देने वाले प्रलोभनों से हमें बचना चाहिए क्यूंकि अधिकांश धोखेबाज लोगों को मोटी रकम का लालच देकर नुकसान पहुंचाते हैं. एटीएम मशीन में एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त या फिर किसी पीओएस मशीन पर कार्ड का इस्तेमाल करते वक्त हमें सतर्क रहना चाहिए. ध्यान रखे की एटीएम की पिन डालते वक्त हमारे आस-पास कोई और न हो. किसी भी गलत ट्रांजेक्शन की जानकारी या शक होने पर हमें तुरंत बैंक को इसकी जानकारी देनी चाहिए जिससे बैंक अपनी तरफ से संभव होने पर ट्रांजेक्शन रोक सके. वैसे भी सभी बैंक ट्रांजेक्शन के बाद ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर उसकी जानकारी देते भी हैं. हमें अपने बैंक खाते में अपने मोबाइल नंबर को अपडेट रखना चाहिए ताकि बैंक किसी भी आशंका पर हमसे संपर्क कर सके. सतर्क व्यक्ति को कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है. उन्होनें संत रविदास को याद करते हुए कहा की मन चंगा तो कठौती में गंगा अर्थात मन जिस कार्य को करने के लिए अन्त:करण से तैयार हो वही कार्य करना उचित होता है. यही हर एनएसएस कार्यकर्ता की सफलता का मूल मन्त्र बन सकता है. कार्यकर्ताओं को चाहिए की वे बैंकिंग फ्रॉडस की जानकारी को ग्रामीणों के साथ साझा करे क्यूंकि ज्यादातर वे ही इस तरह की धोखाधडी का शिकार होते है.

वंशिका गुगनानी टैरो कार्ड रीडर एवं हीलर ने कहा की भविष्यवाणी करने के लिए टैरो कार्ड विधा को मुख्य रुप से प्रश्न शास्त्र की तरह से प्रयोग किया जाता है. इसमें पूछे गए प्रश्न के अनुसार उत्तर देने के लिए तीन कार्ड निकाले जाते हैं और फिर कार्ड्स पर अंकित चित्रों में छुपे संकेतों से उत्तर दिया जाता है. पहला कार्ड सवाल पूछते समय हमारी मानसिक स्थिति क्या है की जानकारी देता है, दूसरा कार्ड हमारी इच्छापूर्ति के लिए कौन-कौन से प्रयास करने होंगे की सूचना देता है और अंतिम कार्ड हमारे प्रश्न का फल घोषित करता है. टैरो कार्ड ज्योतिष फलादेश की एक अद्भुत और प्राचीन विधा है जिसके माध्यम से भविष्य में होने वाली घटनाओं को देखने, उनका आंकलन करने और उनसे जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाता है. इसमें विभिन्न प्रकार की रूपरेखा और चित्रों से अंकित कार्ड का प्रयोग किया जाता है जो खुद में एक अलग अर्थ लिए होते हैं. इन सभी कार्ड के दोनों ओर कुछ चित्र बने होते हैं जिनके माध्यम से भविष्य में होने वाली किसी घटना का फलादेश किया जाता है. ज्योतिष की इस विधा का प्रारंभ लगभग 2 हजार साल पहले हुआ था. सेल्टिक नामक देश के लोगों द्वारा सबसे पहले इस विधा के माध्यम से भविष्य जानने का प्रयास किया गया था. उन्होनें यह भी कहा की किस्मत के साथ-साथ मेहनत और परिश्रम का भी कोई विकल्प नहीं है. हिम्मतवाला व्यक्ति चाहे तो अपनी हाथों की लकीरों को भी बदल सकता है.

प्राचर्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने संत रविदास को नमन करते हुए कहा की सतगुरु रविदास भारत के उन विशेष महापुरुषों में से एक हैं जिन्होंने अपने आध्यात्मिक वचनों से सारे संसार को आत्मज्ञान, एकता और भाईचारे का सन्देश दिया. जगतगुरु रविदास की अनूप महिमा को देखकर कई राजा और गणमान्य व्यक्ति उनकी शरण में आकर भक्ति मार्ग से जुड़े. उन्होनें जीवन भर समाज में फैली कुरीतियों जैसे जात-पात के अन्त के लिए काम किया. आज भी सन्त रैदास के उपदेश समाज के कल्याण तथा उत्थान के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने अपने आचरण तथा व्यवहार से यह प्रमाणित कर दिया कि मनुष्य अपने जन्म तथा व्यवसाय के आधार पर महान नहीं होता है. विचारों की श्रेष्ठता, समाज के हित की भावना से प्रेरित कार्य तथा सद्व्यवहार जैसे गुण ही मनुष्य को महान बनाने में सहायक होते हैं. इन्हीं गुणों के कारण सन्त रैदास को अपने समय के समाज में अत्यधिक सम्मान मिला और इसी कारण आज भी लोग इन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं. हर युवा का आदर्श है संत रविदास.

इस अवसर पर एनएसएस कार्यकर्ताओं ने बैंकिंग एवं एटीएम में होने वाली धोखाधड़ी एवं इससे बचने के उपाय बताकर ग्रामीणों को जागरूक किया.

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