Thursday, April 30, 2026
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बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की अलख, मंत्री कृष्ण बेदी ने दिखाई ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at February 12, 2026 Tags: , , , , , ,

-100 गांवों तक पहुंचा बाल विवाह मुक्ति रथ

-2030 तक कुरीति मुक्त भारत के लक्ष्य को मिला जनसमर्थन

BOL PANIPAT , 12 फरवरी। जिले में बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को उस समय नई ऊर्जा मिली जब हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को सचिवालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और शुभकामना संदेश पर हस्ताक्षर कर इस पहल को अपना समर्थन दिया।

एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से संचालित यह रथ पिछले 15 दिनों में जिले के प्रमुख शहरों सहित लगभग 100 गांवों का दौरा कर चुका है और बाल विवाह के विरुद्ध जनजागरण की अलख जगा रहा है।

जिले में इस अभियान को अभूतपूर्व और अप्रत्याशित समर्थन मिल रहा है। सचिवालय में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति के कार्यक्रम के दौरान मंत्री कृष्ण बेदी ने स्थानीय विधायक प्रमोद विज, महापौर कोमल सैनी, जिला उपायुक्त वीरेंद्र दहिया, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में रथ को हरी झंडी दिखाई।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं द्वारा प्रशासन और सरकार के साथ मिलकर चलाए जा रहे ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गौरतलब है कि यह अभियान भारत सरकार की ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ परियोजना के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान का हिस्सा है। पानीपत सहित हरियाणा के 17 जिलों और देश के 451 जिलों में इस रथ का संचालन किया जा रहा है।

यह रथ जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन, एमडीडी ऑफ इंडिया, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण तथा संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में संचालित हो रहा है। भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक देश को बाल विवाह की कुरीति से पूर्ण रूप से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

जिला समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि यह रथ एक महीने तक पूरे जिले में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करेगा।

जिले में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से स्पष्ट है कि समाज अब इस कुरीति के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार है। बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में यह रथ न केवल जागरूकता फैला रहा है, बल्कि एक सशक्त सामाजिक आंदोलन का रूप भी लेता जा रहा है।

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