आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय पराक्रम दिवस.
BOL PANIPAT : वीरवार 23 जनवरी 2025, आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय एन.एस.एस इकाई के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में पराक्रम दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एन.एस.एस इकाई के प्रभारी विवेक गुप्ता, डॉ. मनीषा डूडेजा व स्वयं सेवकों द्वारा नेताजी को पुष्पांजली अर्पित कर की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण और कविताओं के माध्यम से नेताजी के जीवन के बारे में विस्तार से बताया ।
प्राचार्य डॉ.जगदीश गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। महान स्वतंत्रता सेनानी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे क्रांतिकारी धारा के समर्थक थे। भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने आजाद हिंद फौज के नाम से अपना सैन्य दस्ता तैयार किया था। क्रांतिकारी गुट होने के बाद भी महात्मा गांधी से उनके काफी अच्छे संबंध थे। बोस ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने शुरुआत में महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा था।
एन.एस.एस अधिकारी विवेक गुप्ता ने बताया कि 23 जनवरी को देश प्रेम दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दिया गया था. 2021 में केंद्र सरकार की की ओर से इसे “पराक्रम दिवस” के रूप में मनाया जाने लगा। पराक्रम दिवस का अर्थ है ‘साहस का दिन या शौर्य का दिन.’ इस दिन का लक्ष्य देश के लोगों को प्रेरित करना है। विशेष रूप से युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए, उनमें देशभक्ति की भावना पैदा करना जैसा कि नेताजी का था।
एन.एस.एस अधिकारी डॉ. मनीषा डूडेजा ने कहा कि नेताजी का स्वतंत्रता संग्राम में अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम उनके देश के प्रति योगदान को याद करते हुए शत-शत नमन करते हैं।
प्राचार्य डॉ.जगदीश गुप्ता ने एन.एस.एस अधिकारी प्रो. विवेक गुप्ता व डॉ. मनीषा डूडेजा को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इस अवसर डॉ.नेहा बंसल,सानू ढूल, प्राध्यापक सुनील समेत कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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