एनईपी 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020) पर अनुस्थापन एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का हुआ समापन.
BOL PANIPAT , मंगलवार 1 जुलाई 2025 : आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत के संयुक्त तत्वावधान में मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र ने यूजीसी द्वारा प्रायोजित शैक्षणिक नेतृत्व और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के विषय पर 23 से 30 जून 2025 के बीच सात दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं अनुस्थापन कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी I इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कुलपति डॉ.देवव्रत मित्रा व मालवीय मिशन की निदेशक डॉ. शैफाली नागपाल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने की I मैडम ने बताया की इस शॉर्ट टर्म कोर्स में कौशल विकास, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, भारतीय ज्ञान प्रणाली और बहुभाषीवाद, अनुसंधान और विकास, छात्र विविधता और समावेशी शिक्षा, उच्च शिक्षा और समाज और अकादमिक नेतृत्व, शासन और प्रबंधन जैसे तमाम विषयों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रजनी शर्मा व डॉ. पंकज चौधरी, को शुभकामनाएं दी साथ ही प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
यूजीसी मालवीय मिशन प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रो शेफाली नागपाल ने मुख्य अतिथि व अध्यक्ष का स्वागत किया व कोर्स के बारे में विस्तार से बताया
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा की शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के लिए अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षण संस्थानों में संकाय सदस्यों की क्षमता निर्माण के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता को पहचाना और पेशेवर और कैरियर विकास के अवसर प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया ताकि शिक्षक उच्च शिक्षा के दायरे में अपनी भूमिका और जिम्मेदारी पूरी कर सकें।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. जोगेंद्र सकलानी,हिमाचल प्रदेश विश्वविधालय शिमला रहे,उन्होंने अपने वक्तव्य में अकादमी लीडरशिप,गवरनेंस व परबंधन पर प्रकाश डाला I उन्होंने बताया कि किस तरह फेकलटी,परशासनिक अधिकारियों व विधार्थियों को एक लीडर किस तरह जोड़ कर रख सकता है I आज के इस समय में लीडरशिप,फ़ेयरनेस व पारदर्शिता की बहुत ज़रूरत है I
समापन सत्र के मुख्य अतिथि दक्षिण दीनाजपुर विश्वविधालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. देबब्रत मित्रा ने बताया की किस तरह NEP 2020 एक महत्व पूर्ण नीति है व विधार्थी अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा प्राप्त कर सकते है I लेकिन NEP को कुछ राज्यों ने अभी लागू नहीं किया है उन्होंने कहा की राजनीतिक हितों को नज़र अन्दाज़ करके विधार्थियों के हित में इसे लागू किया जाना चाहिए 2035 तक सभी महाविद्यालयों को सवायत संस्थान घोषित किया जाएगा I और मिलकर रिसर्च व अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है I
प्रीतिभागियों ने अपने विचार साँझा किए I और प्रो. पंकज चौधरी ने 7 दिन की रिपोर्ट विस्तृत की I
इस कार्यक्रम के समन्वयक प्रो.पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में विशिष्ट विषयों, तकनीकों और पद्धतियों में विषयगत उन्मुखीकरण के माध्यम से शिक्षको को प्रेरणा कौशल और ज्ञान को बढ़ाने और इस प्रकार उनमें सही प्रकार के मूल्यों को विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो बदले में उन्हें नवीन और रचनात्मक कार्यों के लिए पहल करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने शिक्षा में नेतृत्व शैली की महत्ता का वर्णन किया और नेतृत्व की गुणवत्ता पर व्याख्यान दिया। प्रो.पंकज चौधरी ने आर्य महाविधलय की और से सभी का स्वागत किया I तकनीकी समन्वयक के रूप में प्रो. विकास काठपाल ने अपनी ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया
इस कार्यशाला में चालीस से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया अंत में प्रो.पंकज चौधरी ने निदेशक प्रो. शेफाली नागपाल, रिसोर्स पर्सन व सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया इसमें सह समन्वयक डॉ.मनीषा नागपाल,प्रो.आस्था गुप्ता, डॉ.सोनिया सोनी, प्रो. अंकुर मितल आदि मौजूद रहे

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