सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है : डॉ जगदीश गुप्ता
-आर्य कॉलेज में हुआ सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन
BOL PANIPAT : 22 जनवरी 2025, आर्य पीजी कॉलेज में हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। इस कार्यक्रम में लगभाग 100 विद्यार्थियों व 10 शिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जगदीश गुप्ता ने कहा कि सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को अर्पण या नमस्कार करना है। शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे उत्तम तरीका केवल सूर्य नमस्कार है। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार में कुल 12 चरण होते हैं जिनका नियमित अभ्यास करने से शरीर व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। सूर्य नमस्कार करने से शरीर की कई प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं इसलिए हर व्यक्ति को सूर्य नमस्कार अवश्य करना चाहिए। सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। साथ ही मानसिक रूप से शरीर को शांति मिलती है साथ ही इससे पढ़ाई में भी एकाग्रता बढ़ती है। उन्होंने कहा की हम सभी को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनानना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार से भारत की प्राचीन व्यायाम पद्धति रही है और हमारे पूर्वजों ने सूर्य नमस्कार के अभ्यास के माध्यम से ही सैंकड़ों वर्ष जीवन जिया है। उन्होंने बताया कि भारत देश में योग की परंपरा भारत देश में बहुत पुरानी है और आज के समय में विदेशों में भी लोग इसके महत्व को समझने लगे है। उन्होंने बताया कि सूर्या नमस्कार ना केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। सूर्य नमस्कार से हमे मानसिक शांति की प्राप्ति होती है और मन स्थिर रहता है।
इस अवसर पर एनएसएस इकाई के प्रभारी प्रो विवेक गुप्ता और मनीषा ढुढेजा ने विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार के महत्व के बारे में बताया कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ बुद्धि का निवास होता है व इस प्रकार के आयोजनों से हम सब मिलकर राष्ट्र निर्माण में अपना पूर्ण सहयोग दे सकते हैं। सूर्य नमस्कार एक योग क्रिया है जो कुल 12 योग आसनों और चरणों से मिलकर बनी है, जिसे कोई भी सामान्य व्यक्ति बहुत ही कम समय में कर सकता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को योग के महत्व से अवगत करवाना और उन्हें शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लाभ के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ बनाना है। उन्होंने बताया की प्राचीन योग क्रिया सूर्य नमस्कार शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत फायदेमंद है। इससे विभिन्न शारीरिक अंगों को सक्रिय करने के साथ ताजगी और मानसिक शांति मिलती है।
प्रो. विवेक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आज महाविद्यालय में सामूहिक रूप से ऑफलाइन सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया गया। सूर्य नमस्कार अभियान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान में महाविद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाकर ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर हरियाणा योग आयोग समिति पानीपत से मुख्य योग प्रशिक्षक व पतंजलि योग समिति, जिला पानीपत के प्रभारी अशोक अरोड़ा ने मुख्य रूप से शिरकत की। उन्होंने सभी को सूर्य नमस्कार के साथ-साथ योगासन व प्राणायाम करवाया। उन्होंने भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी व अन्य प्राणायामों का अभ्यास करवाते हुए इसके लाभ भी बताए। उन्होंने सभी को प्राकृतिक चिकित्सा व एक्यूप्रेशर के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी। प्रो. विवेक गुप्ता ने बताया की कल इस अभियान का समापन किया जाएगा। मंच संचालन प्रो. विवेक गुप्ता ने किया व डॉ.मनीषा ढुढेजा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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