उपायुक्त का जिला सचिवालय में औचक निरीक्षण. लेटलतीफ अधिकारियों-कर्मचारियों पर कसा शिकंजा.
समय की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त: गैरहाजिर कर्मचारियों को दिये भविष्य में सख्त कार्रवाई के संकेत
अनुशासन पर डीसी का कड़ा संदेश, कार्यालयों में मची हलचल, अनुपस्थित कर्मचारियों की ली गई खबर
जनता के काम में देरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
BOL PANIPAT , 18 जून। जिला सचिवालय में वीरवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई जब उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विभिन्न विभागों के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त ने जिला सचिवालय स्थित अधिकांश कार्यालयों में पहुंचकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्य व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थिति रजिस्टरों की जांच की और ड्यूटी समय में अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों को रजिस्टर में अंडरलाइन कर संबंधित विभागाध्यक्षों से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान उन अधिकारियों की अवकाश स्वीकृति से संबंधित अवकाश पत्र भी जांचे जो उस दिन कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति अथवा उचित कारण के कार्यालय से अनुपस्थित रहना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि सरकारी कार्यालयों का उद्देश्य आमजन को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्य वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ कार्यालय न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं बल्कि आम नागरिकों पर भी प्रशासन की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करते हैं।
इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और सेवा का दायित्व है। उन्होंने कहा, सरकारी कार्यालयों में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान और अपेक्षा के साथ आता है। यदि अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं होंगे तो जनता का समय भी व्यर्थ होगा और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए समय की पाबंदी और अनुशासन प्रत्येक कर्मचारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा, लेट-लतीफी और बिना सूचना अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। जो अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी करने वालों के लिए अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें, अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करें।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित निगरानी करें और समय पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिला सचिवालय में अनुशासन और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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