पशुओं में ब्रुसेलोसिस रोग का टीकाकरण कल से: उपायुक्त
पूरे जिले में लगेंगे 22 हजार टीके
BOL PANIPAT , 19 सितंबर। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि ब्रुसेल्लोसिस पशुओं में फैलने वाली बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए विभाग द्वारा 20 सितंबर से इस अभियान की शुरूआत की जायेगी जो 12 अक्तुबर तक चलेगा। यह टीका एक ही बार पशुओं में लगाया जाता है उसके बाद यह बीमारी पशुओं में नहीं आती। जिले में कुल 22 हजार का टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. अश्विनी मोर ने बताया कि ब्रुसेल्लोसिस गाय, भैंस, भेड़, बकरी, शुकर एवं कुत्तों में फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी हैं। ये एक ऐसी बीमारी है जो पशुओं से मनुष्यों में फैलती है। इस बीमारी से ग्रस्त पशु 7-9 महीने के गर्भकाल में गर्भपात हो जाता है। ये रोग पशुशाला में बड़े पैमाने पर फैलता है तथा पशुओं में गर्भपात हो जाता है जिससे भारी आर्थिक हानि होती है।
डॉ. मोर ने बताया कि पशुओं में गर्भावस्था की अंतिम तिमाही में गर्भपात होना इस रोग का प्रमुख लक्षण है। 4 से 8 माह की आयु में ब्रुसेल्ला वैक्सीन से टीकाकरण करवाना चाहिए। नए खरीदे गए पशुओं को ब्रुसेल्ला संक्रमण की जांच किये बिना अन्य स्वस्थ्य पशुओं के साथ कभी नहीं रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि अगर किसी पशु को गर्भकाल के तीसरी तिमाही में गर्भपात हुआ हो तो उसे तुरंत फार्म के बाकी पशुओं से अलग कर दिया जाना चाहिए। उसके स्त्राव द्वारा अन्य पशुओं में संक्रमण फैल सकता है।
डॉ. मोर ने बताया कि मादा पशु के बचाव के लिए 4 से 8 माह के मादा बच्चों को इस बीमारी के विरूद्ध टीकाकरण करवाना चाहिए। अगर पशु को गर्भपात हुआ है तो खून की जांच अवश्य करानी चाहिए।

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