एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एनसीसी कैडेट्स ने सीएटीसी-149 कैंप में झटके 11 गोल्ड मेडल समेत कुल 22 मेडल्स
-मोतीलाल खेलकूद स्कूल राई सोनीपत में हुआ 10 दिवसीय कैंप का आयोजन
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एनसीसी कड़ेट्स ने 12 एनसीसी बटालियन सोनीपत द्वारा आयोजित सीएटीसी- 149 कैंप में शानदार प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में 11 गोल्ड मैडल समेत कुल 22 पदकों पर कब्ज़ा कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. खो-खो प्रतियोगिता के फाइनल में कॉलेज के सीनियर डिवीज़न कैडेट्स ने आर्य कॉलेज पानीपत को पछाड़ कर 11 गोल्ड मैडल हासिल किये. दूसरी तरफ फुटबॉल टीम ने भी दूसरा स्थान हासिल कर 11 रजत पदकों को हासिल किया.
पब्लिक स्पीकिंग में कैडेट सौरभ और फायरिंग में कैडेट अभिषेक ने 3.5 सेंटीमीटर का गोला बनाकर चौथा स्थान हासिल किया. क्विज प्रतियोगिता में भी सौरभ और इन्नु की टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. सीएटीसी कैंप में पानीपत, सोनीपत, इसराना, गोहाना और खानपुर के 12 विभिन्न कालेजों से आये लगभग 600 कैडेट्स ने हिस्सा लिया जिसमे कॉलेज के कैडेट्स का प्रदर्शन शानदार रहा. विजेता कैडेट्स का कॉलेज पधारने पर स्वागत एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ एसके वर्मा और स्टाफ सदस्यों ने किया.
सीएटीसी-149 कैंप का आयोजन 12वी हरियाणा एनसीसी बटालियन सोनीपत के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अनिल यादव और एडम ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अनूज मान के मार्गदर्शन में हुआ. अंतिम दिन दोनों अधिकारीयों ने विजेता कैडेट्स को सम्मानित किया और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ कैंप का समापन किया. विदित रहे की कंबाइंड एनुएल ट्रेनिंग कैंप (सीएटीसी) में भाग लेना सभी कैडेट्स के लिए अनिवार्य होता है क्यूंकि बगैर इसमें भाग लिए कैडेट्स एनसीसी की ‘सी’ सर्टिफिकेट परीक्षा में भाग नहीं ले सकते. कैडेट्स को इस कैंप में न सिर्फ हथियारों, परेड, ड्रिल इत्यादि की ट्रेनिंग दी जाती है बल्कि उन्हें समुदाय में रहना और एक दूसरे का साथ देने की भावना भी जागृत की जाती है.
10 दिवसीय सीएटीसी कैंप पूरी तरह आवासीय और गतिविधियों से भरपूर रहता है जहाँ युवा कैडेट्स को प्रशिक्षण अनुभवी जवानों और सेना के अधिकारीयों द्वारा दिया जाता है. एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की एनसीसी में कन्याओं की भागीदारी को लेकर अब अभिभावकों में जबरदस्त बदलाव आया है. माता-पिता अब लड़को को ही नहीं बल्कि लड़कियों को भी एनसीसी में भाग लेने की इजाजत देते है. उन्होनें कहा की एनसीसी से अनुसाशन एवं ईमानदार कर्म की भावना हमारे व्यवहार मे उतर आती है.
एनसीसी से न सिर्फ हमारा तन स्वस्थ रहता है बल्कि यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने का हौंसला भी हमें देता है. परिपक्वता एवं आत्मविश्वास के लिए एनसीसी बहुत सहायक है और कॉलेज प्रशासन छात्राओं को सैदेव नए अवसर प्रदान करता रहेगा. एनसीसी की सबसे बड़ी विशेषता इसका रोजगारपरक होना है. अच्छा प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेट्स को केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों में वरीयता और आरक्षण मिलता है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने प्रेरणा से भरपूर वक्तव्य में सभी कैडेटस को उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने पर बधाई दी. उन्होनें कहा की इसमें कोई दो राय नहीं है की पढ़ाई जरूरी है परंतु दूसरी गतिविधिओं के बिना भी जीवन अधूरा है. एनसीसी की गतिविधियों से हमारा मस्तिष्क मुस्तैद एवं सकारात्मक रहता है. स्वस्थ शरीर में ही सुंदर दिमाग का निवास है. एसडी पीजी कॉलेज ने एनसीसी को सैदेव बढ़ावा दिया है और यहाँ के कैडेट्स ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर कॉलेज का भरपूर नाम रोशन किया है. सेना, पुलिस और अन्य
सेवाओं में एनसीसी के लिए पद आरक्षित किए जाते है और कॉलेज के कई कैडेट्स ने अपने सफल प्रयासों के दम पर अच्छे पदों को पाने में सफलता हासिल की है.
एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ बलजिंदर सिंह ने कहा की एनसीसी के ‘सी’ सर्टिफिकेट धारक अभ्यर्थीयो को सेना में भर्ती होते समय योग्यता क्रम सूची में पूरा लाभ मिलता है. जहां तक एनसीसी के ‘ए’ और ‘बी’ सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों का संबंध है तो उम्मीदवार की योग्यता क्रम सूची में समग्र सुधार के लिए उन्हें बोनस अंक दिए जाते है. आज के दौर में विभिन्न राज्य सरकारें एवं केंद्र पेशेवर व्यवसायिक कॉलेजों में एनसीसी कैडेटों के लिए विशेष स्थान रखते हैं और रोजगार में भी प्रोत्साहन देते हैं.
सर्वोत्कृष्ट एनसीसी कैडेटों को राज्य सरकारें छात्रवृति एवं नगद प्रोत्साहन भी प्रदान करती हैं. एनसीसी का हिस्सा बने हर कैडेट को एनसीसी से कुछ न कुछ लाभ अवश्य मिलता है. इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य जिनमें डॉ मुकेश पूनिया, डॉ एसके वर्मा, दीपक मित्तल मौजूद रहे.

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