Monday, September 7, 2026
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पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलकर स्वच्छ हवा और हरित परिवहन को दें बढ़ावा: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 7, 2026 Tags: , , , , , ,

बीएस-4 व पुराने ट्रक-बसों को बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का आह्वान

पर्यावरण संरक्षण के अभियान में वाहन मालिक और उद्योग जगत निभाएं सक्रिय भूमिका

प्रदूषणकारी पुराने वाहनों से मुक्ति, स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ेगा पानीपत

BOL PANIPAT , 7 सितंबर। वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने तथा स्वच्छ एवं हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पुराने कमर्शियल वाहनों को आधुनिक वाहनों से बदलने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों, स्कूलों तथा औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को आधुनिक, कम प्रदूषण वाले वाहनों से बदलना समय की आवश्यकता है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी विभागों के साथ-साथ वाहन मालिकों, उद्योग जगत और आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग का कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीएस-4 एवं उससे पहले के उत्सर्जन मानकों वाले पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर बीएस-6 या इससे बेहतर मानकों वाले वाहनों, सीएनजी वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए वाहन मालिकों को प्रेरित किया जाए। इससे पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या कम होगी और वायु प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त ने बताया कि पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन आधारित योजना लागू की गई है। योजना के तहत पात्र वाहन मालिक पुराने वाहन को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से स्क्रैप करवाकर प्राप्त प्रमाण-पत्र के आधार पर नया वाहन खरीद सकते हैं। उन्होंने बताया कि नया बीएस-6 अथवा इससे बेहतर मानकों वाला वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक छूट तथा पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। मोटर वाहन कर से संबंधित यह लाभ निर्धारित अवधि तक उपलब्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा।

योजना के तहत वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से निर्धारित शर्तों के अनुसार वाहन के मूल्य पर 8 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान भी किया गया है। वहीं डीजल एवं सीएनजी वाहनों के लिए निर्धारित अवधि तक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इसके समकक्ष एकमुश्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इस्तेमाल किए गए बीएस-6 अथवा बेहतर मानकों वाले पात्र वाहन खरीदने पर भी निर्धारित मोटर वाहन कर में रियायत और ब्याज अनुदान का लाभ मिल सकता है।

डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि पुराने वाहनों को सडक़ से हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल स्क्रैपिंग भी सुनिश्चित करना जरूरी है। अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों के माध्यम से पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने से पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से परिवहन व्यवस्था से बाहर किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक ट्रक एवं बस मालिकों तक पहुंचाई जाए। संबंधित विभाग जागरूकता अभियान चलाकर वाहन मालिकों को योजना के लाभ, पात्रता तथा पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें।

उपायुक्त ने वाहन मालिकों से स्कूल संचालकों से अपील की कि वे अपने पुराने बीएस-4 एवं उससे पहले के ट्रक और बसों को योजना के तहत बदलने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि इससे वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, हरित परिवहन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आज उठाया गया कदम आने वाली पीढिय़ों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। उन्होंने उद्योगों, स्कूलों और अन्य संस्थानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करें और लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए जागरूक करें। बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, धर्मवीर मलिक के अलावा विभिन्न स्कूलों एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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