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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की छात्रा ने जिला स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में पाया प्रथम स्थान, किया राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भी क्वालीफाई

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 18, 2025 Tags: , , , ,

हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी) द्वारा प्रायोजित रही प्रतियोगिता

नीति, ग्रह, और लोग – सिर्फ़ लाभ नहीं’ विषय पर निबंध लिखकर हासिल की यह उपलब्धि

BOL PANIPAT , 18 अक्टूबर.   एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की बीएससी लाइफ साइंस (प्रथम वर्ष) छात्रा याशिका ने जिला स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में न सिर्फ प्रथम स्थान पाया बल्कि अपनी इस उपलब्धि के बूते पर राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के लिए भी क्वालीफाई कर लिया । प्रतियोगिता हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी) द्वारा प्रायोजित रही जिसका आयोजन आर्य कॉलेज पानीपत में हुआ । याशिका ने ‘नीति, ग्रह, और लोग- सिर्फ लाभ नहीं’ विषय पर निबंध लिखकर यह उपलब्धि हासिल की । विजेता छात्रा का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ राहुल जैन, डॉ प्रियंका चांदना, डॉ रवि कुमार, प्रो प्रवीण कुमारी, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो संजय चोपड़ा, प्रो रिया, प्रो रीतू आदि ने किया । प्रतियोगिता में पानीपत जिले के विभिन्न कालेजों के लगभग 125 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया । छात्रा याशिका ने मौके पर ही अपने निबंध को लिखा जिसे जूरी द्वारा सर्वोत्तम निबंध घोषित किया गया । छात्रा याशिका ने कहा कि ’नीति, ग्रह, और लोग- सिर्फ़ लाभ नहीं’ यह एक ऐसा वाक्यांश है जो बताता है कि किसी भी कार्य में केवल लाभ के बजाय नीति और मानवीय संबंधों पर ध्यान देना चाहिए । इसका मतलब है कि हमें सिर्फ पैसों के फायदे पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, बल्कि एक नैतिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और इससे ही हमारी पृथ्वी का भला संभव है ।  

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी) के मुख्य कार्यों में राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और छात्रों एवं आम जनता में वैज्ञानिक सोच विकसित करना शामिल है । यह परिषद राज्य सरकार को विभिन्न नीतियों पर सलाह देती है, वैज्ञानिक और तकनीकी पहलों को वित्त पोषित करती है और ज्ञान संस्थानों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और स्वैच्छिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करती है । इसके अतिरिक्त परिषद् फेलोशिप प्रदान करती है, विज्ञान क्लबों को बढ़ावा देती है और विज्ञान-आधारित स्वैच्छिक संगठनों के साथ मिलकर राज्य की विशिष्ट चुनौतियों के लिए समाधान विकसित करती है । इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का भी यही मकसद था जिसमें कॉलेज की छात्रा का प्रदर्शन शानदार रहा ।

डॉ राहुल जैन ने परिषद के मुख्य कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रचार-प्रसार के लिए नीतियों और कार्यक्रमों का विकास करना परिषद् का मूल उद्देश्य है । इसके अलावा वैज्ञानिक और तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिषद् एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है ।  पोषित करना परिषद् का लक्ष्य है । परिषद् विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के लिए उदार निधि भी उपलब्ध कराती है । ज्ञान संस्थानों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक-आधारित स्वैच्छिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना इसका एक और उद्देश्य है ।

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