हरको फैंड के किसान जागरूकता शिविर में सहकारिता व पशुपालन से आय बढ़ाने का दिया मंत्र
प्राकृतिक खेती, पशुपालन और सहकारिता पर किसानों को किया जागरूक
गांव दरीयापुर में हरकोफैड का जागरूकता शिविर, किसानों को आधुनिक व लाभकारी खेती की दी जानकारी
सहकारिता से समृद्धि की ओर: हरकोफैंड शिविर में किसानों को मिले आय बढ़ाने के प्रभावी सुझाव
BOL PANIPAT , 15 जुलाई। हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक फेडरेशन (हरकोफैंड) द्वारा बुधवार को गांव दरियापुर में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 50 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सहकारिता, आधुनिक पशुपालन, प्राकृतिक खेती तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उनकी आय में वृद्धि के लिए प्रेरित करना रहा।
शिविर में हरकोफैंड के शिक्षा अनुदेशक प्रवेश कुमार ने किसानों को सहकारिता आंदोलन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी संस्थाओं से जुडक़र किसान न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का अधिकतम लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से सहकारी क्षेत्र से जुडऩे का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र सिंह ने पशुपालन को किसानों की अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बताते हुए वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी सांझा की। उन्होंने पशुओं की उन्नत नस्लों के चयन, नस्ल सुधार, नवजात पशुओं की देखभाल, समय पर खीस (कोलोस्ट्रम) पिलाने के महत्व, संतुलित आहार तैयार करने की विधि, आरामदायक पशु आवास, मौसम के अनुसार प्रबंधन तथा विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने पशुओं के लिए स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल तथा खनिज मिश्रण के नियमित उपयोग के लाभ भी बताए। डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि गौ माता प्राकृतिक खेती की आधारशिला है, क्योंकि गोबर एवं गोमूत्र खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों को अपनी कृषि भूमि की नियमित मिट्टी जांच करवाने, फसल अवशेषों को न जलाने तथा सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं पशुपालन संबंधी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जोरा सिंह मलिक ने प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के अपने अनुभव किसानों के साथ साझा किए और उन्हें टिकाऊ एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में किसानों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर सुल्तान सिंह पाक्स मैनेजर उरलाना के अलावा किसान और पशु पालक मौजूद रहे।

Comments