हिंसा को सहना खुद के आत्म सम्मान और अधिकारों का हनन है : जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता
-आत्म निर्भरता के लिए बढ़ाएं कदम।
BOL PANIPAT , 3 जनवरी। जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठायें। यह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है बल्कि आत्म सम्मान, न्याय और समानता की लड़ाई है। घरेलू हिंसा केवल शारीरिक चोट तक सीमित नहीं है। यह मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से महिलाओं और परिवारों को प्रभावित करती है। इस समस्या को गंभीरता से समझने और इससे जड़ से खत्म करने का हमें संकल्प लेना चाहिए।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी ने बताया कि घरेलू हिंसा एक ऐसी अनोखी समस्या है जिसे अक्सर परिवार का निजी का मामला समझ कर नजर अंदाज कर दिया जाता है। समाज की चुप्पी और पीडि़ता की सहनशीलता इसे और बढ़ावा देती है। हर चोट और अपमान के पीछे एक ही संदेश होता है तुम्हारा कोई मूल्य नहीं, लेकिन यह झूठ है। हर व्यक्ति का जीवन मूल्यवान है और उसे सम्मान व सुरक्षा का अधिकार है।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी ने बताया कि हिंसा सहना खुद के आत्म सम्मान और अधिकारों का हनन है। जब हम हिंसा सहते है तो अपराधी को और अधिक ताकतवर बनाते है। यह न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करता है बल्कि बच्चों और परिवार पर भी गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि बच्चों के सामने हिंसा होने से उनका जीवन अंधकारमय हो सकता है। यह चक्र तभी टूट सकता है जब खुद इसे रोकने का फैसला करें।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी ने बताया कि कानूनी सहायता हैल्प लाइन 181 सम्पर्क करके घरेलू हिंसा रोकने में कामयाब हो सकते है। हमें नये साल पर घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए व हर महिला, बच्चे एवं परिवार को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि वे अकेले नहीं है।

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